दुनिया

“2024 में नंबर 1 अर्थव्यवस्था बनने का प्रयास जारी रखेगा भारत,  AI का है आने वाला साल”, जॉन टी चैंबर्स ने की भविष्यवाणी

John Chambers : यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के अध्यक्ष जॉन टी चैंबर्स ने कहा कि आने वाले साल में भी भारत दुनिया का नंबर एक बनने का प्रयास जारी रखेगा. चैंबर्स ने भविष्यवाणी की कि 2024 में, “भारत अंततः दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा.” उन्होंने कहा कि 2023 अमेरिका-भारत साझेदारी के लिए एक बड़ा साल रहा है. भारत अपने इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण में है और वे इस पर कब्ज़ा कर लेंगे, जिससे आने वाले वर्षों में विकास और अवसर पैदा होंगे.”

यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष ने कहा कि 2024 में, अमेरिका और भारत दुनिया में सबसे रणनीतिक साझेदारी बन जाएंगे, जो वैश्विक नवाचार और रोजगार सृजन को तेज गति से आगे बढ़ाएंगे.

जॉन टी चैंबर्स ने साल 2024 के लिए कई भविष्यवाणी

बता दें कि जॉन टी चैंबर्स ने साल 2024 के लिए कई भविष्यवाणी की हैं. चैंबर्स ने भविष्यवाणी की कि 2024 में, AI अब तक का सबसे बुनियादी तकनीकी परिवर्तन होगा, जो इंटरनेट और क्लाउड के संयुक्त परिवर्तन से भी बड़ा होगा. उन्होंने कहा, “एआई पूरी तरह से मुख्यधारा में आ जाएगा. मैंने पहले कहा था कि यह 2022 में वापस आ रहा है, और हमने निश्चित रूप से 2023 में इसकी शुरुआत देखी है, लेकिन 2024 इसे और भी आगे ले जाएगा – जो डिजिटल युग से एआई युग में बदलाव को मजबूत करेगा.”

उन्होंने कहा, “2024 में हर कंपनी के लिए एआई-संचालित परिणामों की मांग देखी जाएगी, जो मूल्यांकन से लेकर कमाई तक सब कुछ प्रभावित करेगी. जो स्टार्टअप एआई का उपयोग नहीं करते हैं वे जल्दी विफल हो जाएंगे, और बड़ी कंपनियां भी विफल हो जाएंगी, भले ही धीरे-धीरे. ”

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हमारी सोच से भी अधिक बाजार पर होगा AI का कब्जा

जॉन टी चैंबर्स ने कहा कि एआई हमारी सोच से भी अधिक बाजार और दिमागी हिस्सेदारी पर कब्जा कर लेगा, क्योंकि पूरे साल नए विकास होते रहेंगे और कंपनियां स्थायी एआई भेदभाव के साथ संघर्ष करेंगी. 2024 में स्टार्टअप डेकाकॉर्न (यानी, 10 बीलियन+ मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) में गिरावट देखी जाएगी. 50% डेकाकॉर्न और यूनिकॉर्न का मूल्यांकन गिर जाएगा और वे अपनी स्थिति खो देंगे, लेकिन इसे दोबारा हासिल नहीं कर पाएंगे.हालांकि, नए यूनिकॉर्न और डिकाकॉर्न किसी देश के नवाचार के संकेतक हैं, और मुझे यह देखने में दिलचस्पी है कि क्या राज्य हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Rakesh Kumar

Sr. Sub-Editor

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