Afghan Army Attack Pakistan: पाकिस्तान एयरफोर्स के द्वारा अफगानिस्तान पर हमले के बाद अब तालिबान पलटवार के मूड में है. अफगानी सेना के 201 खालिद बिन वलीद आर्मी कोर ने शनिवार-रविवार की रात को नंगरहर और कुनार प्रांत के पास मौजूद पाकिस्तानी सेना की चौकियों को निशाना बनाया. दोनों ओर से भयंकर गोलीबारी के बाद आखिरकार अफगान सेना ने इन चौकियों पर कब्जा कर लिया. बताया जा रहा है कि इस हमले में पाकिस्तान के कई जवान मारे गए हैं.
9 अक्टूबर को पाकिस्तान ने काबुल, खोस्त, पक्तिका, जलालाबाद में TTP चीफ नूर वली महसूद को निशाना बनाकर हवाई हमले किये थे. जिसका अफगानिस्तान ने भरपूर जवाब दिया है.
अफगानिस्तानी न्यूज चैनल टोलो न्यूज (TOLOnews) ने तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि अफगानिस्तान की सेना ने कई पाक चौकियों पर कब्जा कर लिया है. इसके अलावा कुनार और हेलमंद प्रांत में अफगान सीमा पर मौजूद कुल दो पाकिस्तानी चौकियों को नष्ट किया गया है. मिल रही जानकारी के अनुसार अभी भी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डुरंड लाइन पर झड़पें जारी हैं.
टोलो न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अफगान सेना के इस हमले में पाकिस्तान के अबतक 12 सैनिक मारे गए हैं. जबकि दो घायल हैं. पाकिस्तानी सेना को काफी नुकसान हुआ है. अफगानिस्तान की सेना ने ना सिर्फ पाक चौकियों को नष्ट कर दिया है. बल्कि उनके हथियार भी छीन लिये हैं.
टोलो न्यूज ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अभी भी स्पिना शागा, मणि जाभा, गिवी और अन्य क्षेत्रों में पाकिस्तान और अफगान सेनाओं के बीच झड़पें हो रही हैं.
गौरतलब है कि तालिबान की सरकार ने 9 अक्तूबर दिन शुक्रवार को काबुल में हुए हवाई हमले के बाद काफी कड़ा बयान दिया था. इसे अफगान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था.
तालिबान शासन के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का ना सिर्फ उल्लंघन किया, बल्कि डूरंड लाइन के पास मौजूद अफगान इलाकों में बमबारी की. जो कि सीधे सीधे अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन है. अपने क्षेत्र की रक्षा करना हमारा अधिकार है.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के क्षेत्रों में बमबारी उस समय किए, जब तालिबान शासन के विदेश मंत्री अमिर खान मुत्तकी भारत के दौरे पर आए हैं. हमले के बाद मुत्तकी ने भारत से ही पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अफगानों की साहस की परीक्षा नहीं ली जानी चाहिये. हम भारत और पाकिस्तान दोनों से बेहतर संबंध चाहते हैं. अगर कोई अफगानों की साहस का परीक्षा लेना चाहता है तो उसे सोवियत संघ, अमेरिका और नाटो से पूछना चाहिये. अफगानिस्तान के साथ खेल खेलना कितना खतरनाक है वो बता देंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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