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Papua New Guinea: सरकार के खिलाफ आक्रोश…हिंसा में 16 की मौत, पीएम जेम्स मारापे ने की आपातकाल की घोषणा

Papua New Guinea: पापुआ न्यू गिनी में सरकार के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन और दंगों में 16 लोगों की मौत हो गई. हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री ने आपातकाल की घोषणा की है. इसके साथ ही सरकारी और पुलिस अधिकारियों को शासन ने निलंबित कर दिया है. सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्रों के कर्मचारियों ने वेतन कटौती को लेकर बीते बुधवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. जिसने हिंसा का रूप ले लिया.

सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, पापुना न्यू गिनी की राजधानी पोर्ट मोरेस्बी की सड़कों पर बुधवार (10 जनवरी) को हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों और संपत्तियों में आग लगाने के अलावा तोड़फोड़ और लूटपाट भी की. देश में बढ़ती बेरोजगारी और मूलभूत सुविधाओं में कमी के अलावा महंगाई से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है.

वेतन कटौती और महंगाई को लेकर प्रदर्शन

लोगों में सरकार के खिलाफ पनपे आक्रोश के बाद ये विरोध सड़कों पर भी दिखाई देने लगा है. पोर्ट मोरेस्बी में प्रदर्शन उस वक्त हिंसा में बदल गया, जब वेतन विवाद के विरोध में सैकड़ों पुलिस अधिकारी, सैनिकों, जेल कर्मचारियों और सार्वजनिक क्षेत्रों के कर्मचारियों ने अपनी नौकरी छोड़ने का ऐलान कर दिया. वहीं वेतन कटौती के लिए सरकार ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है.

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16 लोगों की हिंसा में हुई मौत

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने पापुआ न्यू गिनी पुलिस के हवाले से बताया कि पोर्ट मोरेस्बी में दंगों के दौरानम 9 लोग मारे गए हैं, सोने और तांबे के खनन वाले देश के उत्तर में स्थित लाई में 7 लोगों की मौत हुई है. वहीं पीएम जेम्स मारापे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्होंने पापुआ न्यू गिनी के पुलिस चीफ, वित्त और राजकोष के विभागों के शीर्ष अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. सरकार इन दंगों के कारणों की समीक्षा करने में जुटा हुई है.

सरकार उठा रही सख्त कदम

पीएम मारापे ने कहा कि संगठित दंगे होने के सबूत मिले हैं. सरकार की समीक्षा में यह सुनिश्चित होगा कि लोकतंत्र को सुरक्षित रखते हैं, हम कानून के शासन को सुरक्षित करते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि अशांति पर लगाने के लिए लगभग 1 हजार सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है. हालांकि गुरुवार को हिंसा में कमी आई है. सरकार ने कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया है.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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