दुनिया

बांग्लादेश-भारत के संबंध पर तस्लीमा नसरीन का तीखा प्रहार, कहा- भारत ने आपके लिए हजारों सैनिक खोए और आपने दुश्मन मान लिया

बांग्लादेश और भारत के बीच गर्माहट लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है, जिसका मुख्य कारण बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर हिंसा है. लगातार हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की वजह से भारत में लगातार आवाज उठती दिखाई दे रही है. इसी बीच इस मुद्दे के उपर वहां की लेखिका तस्लीमा नसरीन ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और उसके प्रमुख मुहम्मद यूनुस को आईना दिखाया है.

नसरीन ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिस भारत के 17,000 सैनिकों ने बांग्लादेश को उसके दुश्मन पाकिस्तान से बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी, वह अब दुश्मन माना जाता है। जिस भारत ने 10 मिलियन शरणार्थियों को आश्रय, भोजन और कपड़े दिए, वह अब दुश्मन माना जाता है. जिस भारत ने देश को पाकिस्तानी सेना से बचाने के लिए हथियार और प्रशिक्षण स्वतंत्रता सेनानियों को दिया, वह अब दुश्मन माना जाता है. और जिस पाकिस्तान ने 3 मिलियन लोगों को मार डाला और 200,000 महिलाओं के साथ बलात्कार किया, वह अब दोस्त माना जाता है. आतंकवादियों को पैदा करने में नंबर एक पर रहने वाला पाकिस्तान अब दोस्त माना जाता है. जिस पाकिस्तान ने 1971 के अत्याचारों के लिए बांग्लादेश से अभी तक माफी नहीं मांगी है, वह अब एक मित्र राष्ट्र माना जाता है!

Bangladesh में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा

बांग्लादेश के चटगांव में शुक्रवार (29 नवंबर) को भीड़ ने तीन हिंदू मंदिरों पर हमला किया. यह घटना इस बंदरगाह शहर के हरीश चंद्र मुनसेफ लेन में दोपहर 2:30 बजे (बीडीटी) हुई, जिसमें शांतनेश्वरी मातृ मंदिर, शनि मंदिर और शांतनेश्वरी कालीबाड़ी मंदिर को निशाना बनाया गया. मंदिर के अधिकारियों ने कहा कि नारे लगाने वाले लोगों द्वारा फेंकी गईं ईंटों से तीन हिंदू धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा. वहीं, बांग्लादेश के अधिकारियों ने समूहों के बीच टकराव के बाद कम से कम नुकसान की सूचना दी.

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कर पाने में नाकाम रहने के आरोप लग रहे हैं. BD News 24 डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को सैकड़ों लोगों का एक समूह मंदिरों पर टूट पड़ा, ईंट-पत्थर फेंकने लगा, शनि मंदिर और अन्य दो मंदिरों के मुख्य द्वारों को नुकसान पहुंचाया गया.

17 बैंक खाते फ्रीज

रिपोर्ट के अनुसार, हमला बिना उकसावे के हुआ और मंदिर के कर्मचारियों की तरफ से कोई महत्वपूर्ण प्रतिरोध नहीं किया गया. इस घटना ने बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों सहित धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं.

मालूम हो कि इस्कॉन के एक पूर्व सदस्य चिन्मय कृष्ण दास के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किए जाने के बाद देश में विरोध प्रदर्शन और हिंसा भड़क उठी है. शुक्रवार को मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने कथित तौर पर देश के बैंकों को बांग्लादेश में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्सियसनेस (Iskcon) से जुड़े 17 लोगों के खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया है. इसमें जेल में बंद इसके नेता चिन्मय कृष्ण दास भी शामिल हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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