डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. वह 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे. भारतीय समयानुसार यह समारोह रात करीब 10 बजे होगा. शपथ ग्रहण के बाद ट्रंप आधिकारिक रूप से दुनिया के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बन जाएंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति को उनकी शक्ति और सुरक्षा के लिए खास तौर पर जाना जाता है.
दुनिया के सबसे शक्तिशाली इंसान माने जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए हर कदम खास होता है. डोनाल्ड ट्रंप शपथ ग्रहण के लिए भी सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं. इस सुरक्षा का अहम हिस्सा है उनकी बुलेटप्रूफ और अत्याधुनिक लिमोजिन कार ‘द बीस्ट’, जिसे धरती पर चलने वाला किला कहा जाता है. यह दुनिया की सबसे सुरक्षित कार मानी जाती है. यह लिमोजिन मॉडल की एक खास कार है, जो हाईटेक तकनीक से लैस है. यह कार केवल अमेरिका के राष्ट्रपति ही इस्तेमाल करते हैं. यह कार इतनी खास है कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन जब G20 समिट में हिस्सा लेने भारत आए थे तब यह कार बोईंग C17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट से दिल्ली लाइ गई थी.
‘द बीस्ट’ की खासियतें
‘द बीस्ट’ कार पर केमिकल अटैक और गोला-बारूद का कोई असर नहीं होता. इस कार का वजन 9000 किलो से ज्यादा है. इसकी कीमत करीब 1.5 मिलियन डॉलर है. कार की खिड़कियां 3 इंच मोटी हैं, जबकि इसके शील्ड की मोटाई 8 इंच होती है.
कार में नाइट विजन सिस्टम और आंसू गैस फायरिंग की क्षमता है. इसके दरवाजों के हैंडल में करंट भी छोड़ा जा सकता है. आपात स्थिति में यह कार मेडिकल सपोर्ट भी प्रदान करती है.
‘द बीस्ट’ में अमेरिका के राष्ट्रपति के ब्लड ग्रुप के मुताबिक खून भी रखा जाता है. इसके अलावा कार में ऑक्सीजन टैंक, स्मोक स्क्रीन, और ऑयल स्पिल सिस्टम जैसी सुविधाएं हैं. कार के अंदर शॉटगन और रॉकेट ग्रेनेड जैसे हथियार भी मौजूद हैं.

टायर भी होते हैं विशेष
‘द बीस्ट’ को 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में सिर्फ 15 सेकंड लगते हैं. इस कार में एक बार में 7 लोग बैठ सकते हैं. इस कार के टायर भी बेहद खास होते हैं. अगर इन पर गोलीबारी हो या ब्लास्ट हो जाए, तो भी यह कार बिना टायर के कई किलोमीटर तक चल सकती है.
डोनाल्ड ट्रंप से पहले जो बाइडेन और अन्य अमेरिकी राष्ट्रपति भी इसी कार का इस्तेमाल कर चुके हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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