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सुप्रीम कोर्ट से मानव तस्करी के आरोपी बांग्लादेशी सुमन शेख को जमानत, कोर्ट ने कहा- ट्रायल में लगेगा समय

मानव तस्करी मामले में जेल में बंद बांग्लादेशी नागरिक सुमन शेख को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है. कोर्ट ने कहा कि ट्रायल में समय लगेगा, ऐसे में अनिश्चित काल तक जेल में रखना उचित नहीं.

Court

मानव तस्करी के मामले में जेल में बंद बांग्लादेशी नागरिक सुमन शेख को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. के सिंह की बेंच ने गुण-दोष के आधार पर जमानत प्रदान की है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ट्रायल में अभी समय लगेगा. इन परिस्थितियों में अनिश्चत काल तक जेल में रखना आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए सही नही होगा. इसलिए हमारा मानना है कि याचिकाकर्ता को मामले के गुण-दोष पर विचार व्यक्त किए बिना जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए.

कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता एनआईए की पूर्व अनुमति के बिना कर्नाटक नही छोड़ेगा. कोर्ट ने सुमन शेख को पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि याचिकककर्ता हर सप्ताह एक बार एनआईए दफ्तर में हाजिरी लगायेगा. सुमन शेख पर विदेशी नागरिकों की घुसपैठ और तस्करी का आरोप है.

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि सुमन शेख डेढ़ साल से जेल में बंद है. इस मामले में 43 गवाह है. जिसकी अभी गवाही चल रही है और उसमें लंबा समय लगेगा. जिसपर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने विरोध करते हुए कहा कि बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ को सुविधाजनक बनाने में इसकी भूमिका है. इसलिए सख्त शर्तो पर कोर्ट विचार कर सकता है.

सुमन शेख बांग्लादेशी नागरिक है, जो 15 साल पहले भारत में घुसा था और अब दूसरों को भारत में घुसने में मदद करता है. जबकि याचिकाकर्ता की दलील यही कि उसका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ है. वह एक भारतीय नागरिक है. सुमन शेख को दिसंबर 2023 में गिरफ्तार किया गया था. तब से वह जेल में बंद था.

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-भारत एक्सप्रेस 



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