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भारत-अमेरिका के रक्षा संबंधों को लेकर सीडीएस जनरल अनिल चौहान और अमेरिकी कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो की अहम बैठक

सीडीएस जनरल अनिल चौहान और US INDOPACOM के एडमिरल सैमुअल पापारो की मुलाकात में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और इंडो-पैसिफिक में रक्षा सहयोग को लेकर अहम चर्चा हुई, जो भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकती है.

India US defence relations

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड (US INDOPACOM) के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से शुक्रवार को मुलाकात की. इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई.

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य लगातार बदल रहा है. इस पृष्ठभूमि में दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’, सैन्य स्तर पर सहयोग और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर बातचीत हुई.

हेडक्वार्टर्स इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (HQ IDS) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जनरल अनिल चौहान और एडमिरल पापारो ने उभरती हुई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी प्रतिबद्धता को दोहराया और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने पर सहमति जताई.

ऑपरेशन सिंदूर बना चर्चा का प्रमुख विषय

बैठक में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष ध्यान दिया गया, जो क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत कार्यों में सहयोग का एक अहम उदाहरण बन रहा है. यह ऑपरेशन भारत और अमेरिका के बीच सैन्य तालमेल और साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है.

इंडो-पैसिफिक में सहयोग की नई संभावनाएं

दोनों देशों के सैन्य प्रमुखों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा हितों की रक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने क्षेत्र में मुक्त, समावेशी और नियम आधारित व्यवस्था बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया.

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

इस उच्च स्तरीय बातचीत को भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों में मील का पत्थर माना जा रहा है. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल, संयुक्त अभ्यास, तकनीकी आदान-प्रदान और रणनीतिक संवाद को और गति दे सकती है.

भारत और अमेरिका पिछले कुछ वर्षों से रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार नजदीक आ रहे हैं. QUAD जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी दोनों देशों की भागीदारी ने रणनीतिक संवाद को मजबूती दी है. जनरल अनिल चौहान और एडमिरल पापारो की यह बैठक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थायित्व और सुरक्षा के लिए दोनों लोकतांत्रिक देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है. आने वाले समय में इस सहयोग के और अधिक विस्तार की संभावना जताई जा रही है.



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