Mumbai Airport Emergency Landing: अदीस अबाबा से मुंबई आ रही एथियोपियन एयरलाइंस की फ्लाइट ET640 को शुक्रवार की रात एक बड़ी तकनीकी दिक्कत का सामना करना पड़ा. विमान को गंभीर हालात में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात करीब 1 बजकर 55 मिनट पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी. हाल ही में एयर इंडिया की हीथ्रो से मुंबई आने वाली फ्लाइट में 11 यात्रियों और 6 क्रू मेंबर्स को चक्कर आने और उल्टी जैसा महसूस होने की घटना के कुछ दिन बाद एक और मामला सामने आया है. फिलहाल, इन घटनाओं के कारणों की जांच की जा रही है.
मिड-एयर डिप्रेशराइजेशन एक गंभीर स्थिति होती है, जब विमान के केबिन में हवा का दबाव अचानक कम हो जाता है. ऐसा अक्सर तकनीकी गड़बड़ी या विमान की संरचना में दरार या रिसाव के कारण होता है. इस स्थिति में यात्रियों को सांस लेने में परेशानी, सिर चकराने और जी मिचलाने जैसी तकलीफें हो सकती हैं.
करीब 300 यात्री और 11 क्रू मेंबर सवार थे
मामला फ्लाइट नंबर ET640 का है, जो इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से मुंबई के लिए रवाना हुई थी. इस विमान में करीब 300 यात्री और 11 क्रू मेंबर सवार थे. रिपोर्ट के अनुसार, जब यह विमान (ET-AXS) अरब सागर के ऊपर से गुजर रहा था, उस समय यह करीब 33,000 फीट की ऊंचाई पर था. तभी अचानक केबिन में हवा का दबाव गिरने लगा. फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के मुताबिक, पायलट ने स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत विमान को निचली ऊंचाई पर उतारना शुरू किया.
दबाव कम होते ही यात्रियों और चालक दल को परेशानी होने लगी. करीब सात लोगों ने सांस लेने में कठिनाई और चक्कर आने की शिकायत की. हालात बिगड़ते देख पायलट ने इमरजेंसी घोषित कर दी. विमान को सुरक्षित ढंग से मुंबई एयरपोर्ट पर उतारा गया. उतरने के तुरंत बाद प्रभावित यात्रियों को प्राथमिक चिकित्सा दी गई. एक यात्री की हालत गंभीर होने के कारण उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि बाकी छह लोगों का इलाज मौके पर ही किया गया.
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर पर बढ़ता विवाद
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की विश्वसनीयता पर पहले से संदेह गहराता जा रहा है. कुछ समय पहले एयर इंडिया की एक और ड्रीमलाइनर फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरते वक्त टेकऑफ के महज 36 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. उस भीषण हादसे में विमान में मौजूद सभी 241 लोगों की जान चली गई थी. उस घटना के बाद ही बोइंग 787 के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की वैश्विक स्तर पर समीक्षा शुरू हो गई थी.
इस ताजा घटना ने फिर से इस विमान मॉडल की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को हवा दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि जांच पूरी होने तक इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेना जरूरी है ताकि भविष्य में यात्रियों की जान को कोई खतरा न हो.
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भारत एक्सप्रेस
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