कहा जा रहा है कि प्रयागराज की करछना तहसील में भीम आर्मी पार्टी के कार्यकर्ताओं का तांडव , लगभग पांच दर्जन सरकारी व निजी वाहनों में तोड़फोड़ व आगजनी से हुए नुकसान की उपद्रवियों से वसूली की होगी. किंतु वसूली कैसे होगी यह सवालों के घेरे में है.
2021 में पूर्व जिला जज को अध्यक्ष व एक प्रशासनिक अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया गया. जिलाधिकारी ने कोर्ट रूम, स्टाफ व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का आदेश देकर अपना पल्ला झाड़ लिया. मंडलायुक्त ने भी चिट्ठियां लिखी. किंतु पांच साल बीत जाने के बाद भी अधिकरण को बैठकर न्याय देने के लिए न अदालत मिली न ही बुनियादी सुविधाएं.
निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई की जायेगी
समय बीतता गया. अधिकरण को न बैठने को कोर्ट मिली न स्टाफ और न ही बुनियादी सुविधाएं तो एक सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धार्थ नारायण ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि निजी संपत्ति के नुकसान की वसूली अधिकरण की बैठने की व्यवस्था न होने के कारण नहीं हो पा रही.
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. जनहित याचिका की सुनवाई 17 जुलाई को होगी. न जाने कब तक अधिकरण की अदालत लगेगी और लोगों को न्याय मिल पायेगा.
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भारत एक्सप्रेस
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