एक तरफ जहां हमारे वैज्ञानिक अंतरिक्ष में चांद पर पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार से एक ऐसी खबर आई है जो अंधविश्वास की हद को दिखाती है. यह घटना सुनकर लगता है कि आज भी कुछ लोग अंधविश्वास में जी रहे हैं. बिहार के पूर्णिया जिले से एक बहुत ही दर्दनाक और डरावनी घटना सामने आई है.
मुफस्सिल थाना इलाके के टेटगामा गांव के वार्ड नंबर 10 में गांव के ही एक परिवार के पांच लोगों को डायन बताकर पहले बुरी तरह पीटा गया, फिर बाद में पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया. मृतकों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं. इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.
पेट्रोल डालकर हत्या
बताया जा रहा है कि अपने ही कुछ लोगों को अपने ही गांव के सीता देवी पर डायन होने का शक था. रविवार रात गांव के मुखिया नकुल उरांव की अध्यक्षता में लगभग 200 लोगों की पंचायत बुलाई गई थी. उस पंचायत में सीता देवी, उनके पति बाबूलाल उरांव, सास कातो देवी, बेटा मंजीत उरांव और बहू रानी देवी को बुलाया गया.
पंचायत में इन्हें डायन बताकर सजा सुनाई गई. इसके बाद परिवार के सभी पांचों सदस्यों को लाठी-डंडों से पीटा गया. लाठी डंडों से पीटनो के बाद सभी को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया. इस खौफनाक वारदात को मृतक के बेटे सोनू कुमार के सामने ही अंजाम दिया गया था. किसी तरह सोनू वहां से भाग निकला और पुलिस को इस पूरी घटना की जानकारी दी.
2 आरोपी गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. एसपी स्वीटी सहरावत और एएसपी आलोक रंजन समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने गांव के मुखिया नकुल उरांव और एक ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है. गांव में मातम पसरा है और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



