चंडीगढ़: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), चंडीगढ़ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के सदस्य रह चुके सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एमएल तायल और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी संपत्ति कुर्क की है.
ED ने पीएमएलए के तहत की कार्रवाई
ईडी ने पीएमएलए, 2002 (धनशोधन निवारण अधिनियम) के तहत कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़, नई दिल्ली और गुड़गांव में स्थित दो घरों और सात अपार्टमेंट सहित कुल नौ अचल संपत्तियों को 30 जून 2025 को अनंतिम रूप से कुर्क किया है. इसके अलावा बैंक खातों में मौजूद करीब ₹14.06 करोड़ की राशि को भी जब्त किया गया है.
एमएल तायल के खिलाफ पहले से चल रही ईडी की कार्रवाई
ईडी की यह कार्रवाई एमएल तायल के खिलाफ पहले से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें उन पर अपने कार्यकाल के दौरान अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को छिपाने और उन्हें वैध दिखाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का सहारा लेने का आरोप है. जांच में सामने आया कि तायल और उनसे जुड़े अन्य लोगों ने कई संपत्तियां अलग-अलग नामों पर खरीदीं, जो उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक हैं.
संपत्तियों को गलत तरीके से अर्जित धन से खरीदा गया
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक की जांच में यह साफ हुआ है कि इन संपत्तियों को गलत तरीके से अर्जित धन से खरीदा गया. तायल ने न केवल अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया, बल्कि धन को छिपाने के लिए कई स्तरों पर कंपनियों और बिचौलियों का सहारा लिया.
ईडी इस मामले में आगे की रही है जांच
फिलहाल ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे. इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. ईडी ने स्पष्ट किया है कि यदि आगे की जांच में और भी संपत्तियां सामने आती हैं, तो उन्हें भी कुर्क किया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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