Kapildhara Waterfall Amarkantak
Sawan 2025: सावन के महीने (sawan 2025) में शिव मंदिरों मे पूजा आराधना का विशेष महत्व है. अमरकंटक में स्थित मच्छेंद्रनाथ मंदिर एक प्राचीन शिव मंदिर है जहां दूर दूर से शिव भक्त आते हैं. यह अपनी विशिष्ट वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. यह मंदिर अमरकंटक के प्रमुख आकर्षणों में से एक है, जो मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित है.

मंदिर की विशेषताएं
भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर मच्छेंद्रनाथ के नाम से भी जाना जाता है. मच्छेंद्रनाथ इस क्षेत्र में शैव संप्रदाय की एक शाखा के प्रवर्तक थे. इस मंदिर में शिवलिंग युक्त एक गर्भगृह, अंतराल और एक मंडप है. पंचरथ गर्भगृह का शंकुवाकार शिखर नागर शैली में है. वहीं फांसना शैली में निर्मित ऊपर की छत क्षतिग्रस्त हो चुकी है. मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार के ललाटबिंब पर नृत्यरत गणेश का अंकन है. यह मंदिर कलचुरी कालीन 11वीं 12वीं शती का है.
मच्छेंद्रनाथ मंदिर की वास्तुकला कल्चुरी काल की विशिष्ट शैली को दर्शाती है, जिसमें नागर, द्रविड़ और कलिंग शैलियों का मिश्रण है.
आसपास के आकर्षण
नर्मदा उद्गम मंदिर- नर्मदा नदी के उद्गम स्थल पर बना यह मंदिर एक प्रमुख आकर्षण है. कपिल धारा-एक सुंदर झरना, जो नर्मदा नदी के किनारे स्थित है. माई की बगियाएक प्राकृतिक उद्यान, जो नर्मदा नदी के उद्गम स्थल के पास स्थित है.
मंदिर का धार्मिक महत्व
धार्मिक महत्व-मच्छेंद्रनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां भगवान शिव की पूजा की जाती है.
पर्यटन स्थल-अमरकंटक एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है.
मध्य भारत में 1065 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह पौराणिक शहर अत्यधिक महत्व रखता है और इसे तीर्थराज के रूप में जाना जाता है, जिसका अर्थ है “तीर्थयात्राओं का राजा”.
संस्कृत शब्द अमरकंटक, जिसका अर्थ है “शाश्वत स्रोत,” पवित्र नर्मदा नदी से गहरा संबंध रखता है, जो भारत की सबसे सम्मानित और विशेष नदियों में से एक है.
तीन नदियों का उदगम स्थल है अमरकंटक
अमरकंटक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है. नर्मदा और सोन जैसी दो विशाल प्रसिद्ध नदियों के उद्गम स्थल के साथ तीसरी नदी जोहिला का भी यह उदगम स्थल है, इस तरह अमरकंटक तें तीन नदियों का उदगम स्थल है. नर्मदा नदी के उदगम स्थल पर कई प्राचीन मंदिर बने हुए है, यहां आने वाले तीर्थ यात्री नर्मदा नदी के उदगम स्थल पर पूजा अर्चना आदि करते हैं, यहां आने पर बहुत ही आनंद की अनुभूति होती हैं.
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औषधीय गुणों के पौधों की है प्रचुरता
यह स्थान अपनी पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि आसपास के जंगलों में औषधीय गुणों वाले पौधों की प्रचुरता है। शहर में कई आम (अमर) के पेड़ हैं, जिससे कुछ लोगों का मानना है कि प्रसिद्ध संस्कृत कवि कालिदास ने इस स्थान का नाम “अमराकूट” दिया था.
अमरकंटक में है मनमोहक सुंदरता
विंध्य और सतपुड़ा की पहाड़ियों से घिरा यह अद्भुत अमरकंटक मध्य प्रदेश के सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक है। हर साल, बड़ी संख्या में यात्री, धार्मिक और प्रकृति प्रेमी, इस स्थान की अनोखी विशेषताओं को जानने के लिए यहां आते हैं. ये शांत वातावरण और मुख्य आकर्षण अमरकंटक पर्यटन की सफलता की कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
अमरकंटक की यात्रा करने से न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है, बल्कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण भी मन को शांति प्रदान करते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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