UP News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद मे फर्जी दूतावास चलाने के मामले में गिरफ्तार हर्षवर्धन जैन की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. नोएडा STF की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं.
300 करोड़ का लोन घोटाला
हर्षवर्धन ने एहसान अली सैयद के साथ मिलकर विदेशों में 25 से अधिक शेल कंपनियां बनाई थीं. इन कंपनियों के जरिए उन्होंने आर्थिक तंगी झेल रही कंपनियों को लोन दिलाने का झांसा देकर करीब 300 करोड़ रुपये की ठगी की है. बता दें, एहसान अली अभी दुबई में है और फरार है.
विदेशी नेटवर्क और यात्राएं
हर्षवर्धन ने 10 वर्षों में 162 विदेश यात्राएं की जिसमें UAE, UK, फ्रांस, टर्की, कैमरून जैसे 19 देश शामिल है. उसके पास दुबई में 6, UK में 3, मॉरीशस में एक और भारत में लगभग 10 बैंत खाते हैं. इन खातों में हुए लेन देन की जांच जारी है.
फर्जी दूतावास और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट
शुरुआत में उसने अपने घर से काम शुरू किया और बाद में एक किराए के बंगले में फर्जी दूतावास चलाया. वहां से 12 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट बरामद हुए हैं. वह पासपोर्ट सर्वोगा और अन्य छोटे देशों के नाम पर थे. बंगले पर विदेशी झंडे और डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट वाली गांड़ियां भी मिली.
हवाला और लाइजनिंग का कारोबार
STF का दावा है कि हर्षवर्धन हवाला और लाइजनिंग के धंधे में भी सक्रिय था. अदनान खशोगी जैसे अंतरराष्ट्रीय हथियार डीलरों से उसके संबंध थे. खशोगी ने 2002 से 2004 के बीच 20 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे.
पुलिस रिमांड की तैयारी
अब पुलिस हर्षवर्धन को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है जिसकी सुनवाई सोमवार को होगी. उससे पूछताछ कर अन्य घोटालों की परतें भी खोली जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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