रिपोर्ट- गिरजेश प्रताप सिंह
अंबेडकरनगर में स्वास्थ्य विभाग का विवादों से पीछा छूट नहीं रहा है. सीएमओ और डिप्टी सीएमओ पर लगातार भ्र्ष्टाचार और अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लग रहा है. इतना ही नही मीडिया को गुमराह करने के लिए एक प्रेस नोट भी जारी कर दिया है जिसमे कई भ्रामक जानकारियां दी गयी है. अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन और रिनुअल में पैसा मांगने की शिकायत पर पहले से ही जांच चल रही है.
अब पीसी पीएनडीटी एक्ट (PCPNDT) के दुरुपयोग कर डिप्टी सीएमओ की पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड रामा अस्पताल को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा है. इसको लेकर डीएम ने कहा है कि सभी शिकायतों की जांच कराई जाएगी. जांच के बाद जो भी वैधानिक कार्यवाही होगी की जाएगी.
सीएमओ संजय कुमार शैवाल पर एक अस्पताल संचालक ने पैसा मांगने का आरोप बकायदा शपथ पत्र पर किया था, जिस पर अभी जांच चल ही रही है. अब उन पर पीसी पीएनडीटी एक्ट के दुरुपयोग का भी आरोप लगा है.
शिकायतकर्ता जलालपुर निवासी सलिल कुमार का कहना है PCPNDT एक्ट के तहत अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटरो का पंजीकरण डीएम करते है, सीएमओ सिर्फ उन अभिलेखों के रख रखाव करते है. PCPNDT एक्ट का सर्वोसर्वा डीएम होता है, इसके बावजूद 5 मई को सीएमओ ने अस्पताल संचालको को सम्मन भेजते है, जिसका इनको अधिकार ही नहीं है. आरोप है कि डिप्टी सीएमओ डॉ संजय कुमार वर्मा की पत्नी का अस्पताल भी है और डॉ संजय कुमार वर्मा ही PCPNDT एक्ट के नोडल अधिकारी भी है.
अपनी ही पत्नी के अस्पताल का निरीक्षण कैसे करते होंगे ?
सलिल कुमार ने कहा कि अब डॉक्टर साहब अपनी ही पत्नी के अस्पताल का निरीक्षण कैसे करते होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है, जबकि एक्ट के मुताबिक जहां हितों के टकराव का मामला हो वहां सम्बंधित व्यक्ति नहीं रह सकता. डिप्टी सीएमओ के अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी विवाद गहरा गया है.
विगत दिनों सीएमओ ने प्रेसवार्ता व प्रेसनोट के माध्यम से बताया कि डॉ रोली द्विवेदी अपना कोर्स पूरा करने के बाद 23 सितम्बर को डिप्टी सीएमओ की पत्नी के अस्पताल रामा मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल में काम करने का आवेदन दिया जबकि 21 सितम्बर को इसी अस्पताल में हुए एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में डॉ रोली द्विवेदी के हस्ताक्षर है.
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि डॉ रोली द्विवेदी गायनी है वह पुरुष का अल्ट्रासाउंड कर ही नहीं सकती तो फिर उन्होंने 21 सितम्बर को पुरुष का अल्ट्रासाउंड कैसे कर दिया. शिकायतकर्ता का कहना है कि ये सीएमओ जहां भी रहे वहां से इनको भ्र्ष्टाचार के मामले में ही हटाया गया. एक बार राज्यपाल ने इनका दो साल का वेतन रोकने का आदेश कर चुके है. अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन में डेढ़ लाख रुपये लिए गए है, जिसने नहीं दिया उसका रजिस्ट्रेशन लटका दिया गया.
जांच करा कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
इस संबंध में डीएम अनुपम शुक्ला ने मीडिया के सवालों का जबाब देते हुए कहा है कि जो भी शिकायते हैं इनके विरुद्ध उसकी जांच करा कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी. चाहे वह रामा हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन को लेकर हो या फिर अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर की बात हो या फिर रिपोर्ट की सभी तथ्यों की जाएगी. रजिस्ट्रेशन में पैसा मांगने की शिकायत पर पहले से ही एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है. अगले हप्ते तक उसकी भी जांच की रिपोर्ट आ जायेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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