दक्षिण अफ्रीका के लिम्पोपो प्रांत में हुए भीषण बस हादसे में 43 लोगों की जान चली गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए. शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की बड़ी वजह बस की तेज रफ्तार और उसकी खराब तकनीकी स्थिति थी. यह जांच रोड ट्रैफिक मैनेजमेंट कॉरपोरेशन ने की है.
परिवहन मंत्री का क्या कहना है?
दक्षिण अफ्रीका की परिवहन मंत्री बारबरा क्रीसी ने बताया कि बस चालक ने पहाड़ी रास्ते पर जरूरत से ज्यादा तेज रफ्तार से गाड़ी चलाई, जिससे बस नियंत्रण से बाहर हो गई और खाई में जा गिरी. जांच में यह भी सामने आया कि बस और उसके ट्रेलर के ब्रेक सही से काम नहीं कर रहे थे. 10 में से सिर्फ 5 ब्रेक ही चालू हालत में थे.
कितने लोग सवार थे?
हादसे के वक्त 62 सीटों वाली इस बस में 91 लोग सवार थे, जिनमें 3 से 5 साल की उम्र के 11 बच्चे भी शामिल थे. बस में एक ट्रेलर भी जुड़ा हुआ था, जिसमें यात्रियों का सामान और निजी वस्तुएं रखी गई थीं.
कहां जा रही थी बस?
यह बस ज़िम्बाब्वे, कांगो और मलावी के यात्रियों को लेकर पूर्वी केप प्रांत से लिम्पोपो की ओर जा रही थी, जब यह हादसा हुआ. अब इस विदेशी बस कंपनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. साथ ही उन रोडवर्थी सेंटर्स की भी जांच की जाएगी, जिन्होंने इस बस को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया था.
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गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका में सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा दुनिया के औसत से कहीं ज्यादा है. हर साल औसतन 14,000 लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं. 2023-24 के त्योहारों के मौसम में ही 1,427 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई थी. यह देश के लिए एक गंभीर संकट बन चुका है.
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-भारत एक्सप्रेस
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