पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किला कार ब्लास्ट मामले में एनआईए रिमांड पर चल रहे डॉक्टर मुज्जमिल गनी, अदील राथर, शाहिना सईद और मौलवी इरफान अहमद वागे को 12 दिन में लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
NIA रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद सभी को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने एनआईए की मांग पर 12 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वही पांचवे आरोपी बिलाल वानी मल्ला फिलहाल एनआईए रिमांड पर ही रहेगा. क्योंकि एनआईए मल्ला का वॉइस सैम्पल टेस्ट करवाना चाहती है. मल्ला को 15 दिसंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा. डॉक्टर शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्विद्यालय के फ्लैट से 18.50 लाख कैश, सोने की बिस्किट और गहने मिले है. इसके अलावे अरब देशों की करेंसी भी बरामद किया गया है.
आतंकियों के नेटवर्क का पता लगाने में NIA सक्रिय
गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली कार धमाके की जांच NIA को सौंप दी गई थी. इसके बाद से जांच एजेंसी विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इस मॉड्यूल से जुड़े हर सदस्य का पता लगाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. बिलाल वानी पर लाल किला में हुए कार ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप है.
एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की. NIA के मुताबिक दानिश उसने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई थी.
NIA जांच में शोएब की भूमिका आई सामने
NIA जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने आतंकी उमर नबी को विस्फोट से ठीक पहले पनाह दी थी और उसे लॉजिस्टिक सहायता भी मुहैया कराई थी. शोएब ने ही नूंह में उमर को अपनी साली अफसाना के घर में कमरा किराए पर दिलाया था और पूरी गारंटी ली थी. 10 नवंबर को दिल्ली में धमाके से पहले 10 दिन उमर नूंह के इसी घर में रहा था. लाल किला के पास हुए भीषण धमाके में 15 लोगों की मौत हो चुकी है. हमले में 32 लोग घायल हो गए थे.
एनआईए जांच में पता चला कि आमिर ने हमलावर डॉक्टर उमर नबी के साथ मिलकर लाल किला में हुए धमाके की साजिश रची थी. जांच में यह भी पता चला है कि आमिर राशिद i20 कार की खरीद में मदद करने के लिए दिल्ली आया था.
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– भारत एक्सप्रेस
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