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राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार

Illegal fetus gender test: कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में पीसीपीएनडीटी टीम ने अवैध भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया. 80 हजार रुपये में लिंग बताने का सौदा करने वाले छह आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा गया.

Illegal fetus gender test: राजस्थान में सख्त कानून और लगातार कार्रवाई के बावजूद भ्रूण लिंग जांच का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोटपूतली-बहरोड़ इलाके में एक बार फिर ऐसा गिरोह पकड़ा गया है, जो गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग बताने के लिए 80 हजार रुपये वसूल रहा था. नारनौल पीसीपीएनडीटी प्राधिकरण की टीम ने सुनियोजित छापेमारी कर इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

सीमा का फायदा उठाकर चल रहा था धंधा

जांच में सामने आया कि यह गिरोह हरियाणा और राजस्थान की सीमा का फायदा उठाकर लंबे समय से सक्रिय था. आरोपियों की चाल थी कि हरियाणा की गर्भवती महिलाओं को राजस्थान के कोटपूतली क्षेत्र में लाया जाए, ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके. यहां किराए के मकानों को अस्थायी जांच केंद्र बनाकर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से अवैध जांच की जाती थी.

डिकोय महिला से बिछाया गया जाल

प्रशासन को इस नेटवर्क की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी. सबूत जुटाने के लिए टीम ने एक डिकोय महिला के जरिए जाल बिछाया. व्हाट्सएप कॉल और चैट पर गिरोह से बातचीत हुई और 80 हजार रुपये में सौदा तय हुआ. फोन-पे से तीन किस्तों में रकम ट्रांसफर की गई, जिसके डिजिटल सबूत टीम ने सुरक्षित रखे.

दबिश के दौरान रंगे हाथ गिरफ्तारी

18 जनवरी को आरोपी गर्भवती महिला को नारनौल से अलग-अलग वाहनों में बैठाकर कोटपूतली लाए. टीम ने पूरे रास्ते उनका पीछा किया. जैसे ही बड़ा बास इलाके के एक मकान में पोर्टेबल मशीन से जांच शुरू हुई, डिकोय महिला के इशारे पर टीम ने दबिश दी और तीन आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया.

सबूत और अन्य गिरफ्तारियां

छापेमारी में एक अन्य गर्भवती महिला भी मिली, जिसकी पहले जांच हो चुकी थी. उसका पति भाग निकला. बाद में अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर मुख्य सौदागर समेत अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया. कार्रवाई के दौरान अल्ट्रासाउंड मशीन, मेडिकल उपकरण, चार कारें, दो बाइक, मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल भुगतान से जुड़े अहम सबूत जब्त किए गए.

प्रशासन का सख्त रुख

सभी आरोपियों पर पीसीपीएनडीटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. प्रशासन ने साफ किया है कि इस नेटवर्क से जुड़े डॉक्टरों और पैसों के लेन-देन की गहराई से जांच होगी और दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस


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