मुंबई का प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर देश के सबसे अमीर मंदिरों की सूची में अपनी जगह और पक्की कर चुका है. पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बप्पा के भक्तों ने दिल खोलकर दान दिया है. मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल मंदिर की कुल आमदनी 182 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. यह पिछले साल के मुकाबले 35 प्रतिशत की शानदार बढ़त है.
दान का लक्ष्य पार, भक्तों ने जताया विश्वास
सिद्धिविनायक ट्रस्ट ने साल 2025-26 के लिए 155 करोड़ रुपये दान का लक्ष्य रखा था. हालांकि, श्रद्धालुओं की श्रद्धा ने इस आंकड़े को कहीं पीछे छोड़ दिया और ट्रस्ट को उम्मीद से अधिक 182 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ. मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने इस वृद्धि पर खुशी जताते हुए इसे बप्पा का आशीर्वाद और भक्तों का अटूट विश्वास बताया है.
बेटियों के भविष्य के लिए एक खास पहल
मंदिर ट्रस्ट केवल धार्मिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रहा है. ट्रस्ट ने फैसला किया है कि 8 मार्च (महिला दिवस) को महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली हर बच्ची के नाम पर 10,000 रुपये की फिक्स डिपॉजिट (FD) की जाएगी. यह राशि मां के नाम पर जमा होगी, जिसे बेटी के 18 वर्ष का होने पर निकाला जा सकेगा. इसका मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों की संख्या और उनके सम्मान को बढ़ाना है.
शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
आने वाले समय के लिए ट्रस्ट ने जनसेवा का बड़ा खाका तैयार किया है. गरीबों के इलाज के लिए 36 करोड़ रुपये और सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए 24 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा, डायलिसिस मरीजों के लिए 2 करोड़ 60 लाख रुपये और गरीब छात्रों की पढ़ाई व किताबों के लिए 2 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव दिया गया है.
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