ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतेंद्र भसीन उर्फ मोंटू भसीन द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की मांग को लेकर याचिका दाखिल की गई है. ग्रैंड वेनेजिया प्रोजेक्ट के निवेशकों ने यह अवमानना याचिका दायर की है. निवेशकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2 अप्रैल 2026 को उनकी जमानत रद्द करते हुए एक सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था, लेकिन 9 अप्रैल की तय समयसीमा खत्म होने के बावजूद उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया है. याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा है कि भसीन जानबूझकर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं.
सरेंडर न करने और कानूनी पेचदगियों के आरोप
उनका आरोप है कि समय बढ़ाने की मांग भी कोर्ट ने 8 अप्रैल को ठुकरा दी थी, फिर भी उन्होंने सरेंडर नहीं किया और अलग-अलग कानूनी रास्तों के जरिए मामले को लटकाने की कोशिश कर रहे हैं. निवेशकों ने दायर याचिका में यह भी आशंका जताई है कि भसीन देश छोड़कर भाग सकते हैं. याचिकाकर्ताओं ने यूपी पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसने कोर्ट के आदेश लागू कराने में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की. दायर याचिका में कहा गया है कि भसीन ने कई लंबित एफआईआर और दिल्ली व गौतमबुद्ध नगर की अदालतों में चल रहे मामलों की जानकारी को छिपाया है.
जमानत रद्दीकरण और भारी जुर्माने का आदेश
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एनके सिंह की पीठ ने भसीन को सरेंडर करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने 6 नवंबर 2019 को मिली जमानत की शर्तों के उल्लंघन के बाद जमानत को रद्द करने का आदेश दिया था. भसीन द्वारा जमानत की शर्तों के तहत जमा की गई 50 करोड़ की राशि को जब्त करने का आदेश दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जब्त राशि में से 5 करोड़ रुपए राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण को जाएंगे और शेष 45 करोड़ रुपए उस समाधान पेशेवर को भुगतान किए जाएंगे, जो भसीन की कंपनी के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही देख रहे हैं.
जमानत की शर्तें और धोखाधड़ी के आरोप
कोर्ट ने अपनी शर्तों में यह भी स्पष्ट कर दिया था कि भसीन 12 महीने यानी एक साल बाद नियमित जमानत के लिए नए सिरे से अर्जी दाखिल कर सकते हैं, बशर्ते वह संबंधित दिवालियापन कार्यवाही में पारित किसी भी आदेश का अनुपालन करें. भसीन पर ग्रेटर नोएडा में ग्रैंड वेनिस परियोजना में निवेशकों को कथित तौर पर धोखा देने का आरोप है. इसके खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. ग्रैंड वेनिस मॉल में पार्टनरशिप को लेकर भसीन का डीएस ग्रुप के साथ भी लंबे समय से विवाद चल रहा है.
ये भी पढ़ें: नरेश बालियान केस में नया मोड़! दिल्ली हाई कोर्ट की जज ने सुनवाई से क्यों किया खुद को अलग?
ईडी की छापेमारी और ठगी का मामला
पिछले साल 10 अप्रैल 2025 को ईडी ने छापेमारी की थी. दिल्ली, नोएडा, गोवा में करीब छह ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. ये छापेमारी निवेशकों से पैसा हड़पने के मामले में पीएमएलए (PMLA) के तहत की गई थी. डीएस ग्रुप का आरोप है कि इसने घर खरीदने वालों से करीब 40 करोड़ रुपए की ठगी की है. ईडी की यह कार्रवाई भसीन इंफोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, उसके डायरेक्टर और मालिक सतेंद्र सिंह भसीन सहित उसके अन्य सहयोगियों के यहाँ की गई है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

