Lakhimpur Kheri Fire: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद के मितौली थाना क्षेत्र से तबाही और बर्बादी की एक बेहद खौफनाक खबर सामने आ रही है. यहां स्थित कारीबरेडी गांव में बीती रात अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में हड़कंप और कोहराम मचा दिया. मौसम के बदले मिजाज और तेज आंधी के चलते इस आग ने देखते ही देखते ऐसा विकराल और रौद्र रूप धारण कर लिया कि गांव के कई घर इसकी लपटों की चपेट में आ गए.
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस भयावह अग्निकांड में करीब 20 ग्रामीणों के आशियाने जलकर पूरी तरह से खाक हो चुके हैं. इस दिल दहला देने वाले हादसे में जहां लाखों रुपए के जान-माल के नुकसान की आशंका है, वहीं पूरे गांव में इस वक्त सिर्फ और सिर्फ चीख-पुकार और बेबसी का माहौल पसरा हुआ है.
आंधी की रफ्तार ने आग को बनाया ‘दानव'(Lakhimpur Kheri Fire)
चश्मदीद ग्रामीणों के मुताबिक, बीती रात जब पूरा गांव सोने की तैयारी कर रहा था, तभी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी चलने लगी. इसी बीच गांव के एक कोने से उठी आग की चिंगारी को आंधी की तेज हवाओं ने हवा दे दी. हवा का रुख इतना तेज था कि आग की लपटें एक घर से दूसरे घर पर छलांग लगाने लगीं.
जब तक लोग कुछ समझ पाते और अपनी जान बचाने के लिए भागते, तब तक आग ने पूरी बस्ती को अपने आगोश में ले लिया था. सूखी घास, फूस और छप्पर के घरों ने इस आग में घी का काम किया, जिससे देखते ही देखते ग्रामीणों की जीवन भर की गाढ़ी कमाई और आशियाने राख के ढेर में तब्दील हो गए.
जिंदा जल गए आधा दर्जन बेजुबान मवेशी
यह अग्निकांड इतना अचानक और भयावह था कि लोगों को अपने घरों से सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला. कई परिवारों के कपड़े, राशन, गहने और नगदी सब कुछ जलकर स्वाहा हो गया. सबसे ज्यादा दर्दनाक मंजर तब देखने को मिला जब खूंटे से बंधे बेजुबान मवेशियों को बचाने की कोशिशें भी नाकाम साबित हुईं.
इस हादसे में करीब आधा दर्जन दुधारू और घरेलू मवेशियों की जिंदा जलकर मौत होने की दुखद सूचना है. अपने आशियाने और अपनी आंखों के सामने अपने पालतू पशुओं को तड़पकर मरते देख महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, और कई परिवार इस वक्त खुले आसमान के नीचे दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं.
ग्रामीणों की बेबसी के बीच पहुंची दमकल की गाड़ियां
हादसे के तुरंत बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई. ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए अपने स्तर पर कुओं और हैंडपंपों से पानी लाकर आग पर काबू पाने की जी-तोड़ कोशिश की, लेकिन आंधी के सामने उनकी हर कोशिश नाकाम साबित हो रही थी.
घटना की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) को सूचित किया गया. दमकल कर्मियों ने भारी रिस्क लेते हुए गांव के भीतर मोर्चा संभाला और पानी की बौछारें शुरू कीं. कई घंटों की भारी मशक्कत और कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार आग की गगनचुंबी लपटों पर पूरी तरह काबू पाया जा सका.
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-भारत एक्सप्रेस
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