West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी (TMC) के भीतर आंतरिक कलह और सांसदों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है. पार्टी के सबसे अनुभवी राज्यसभा सांसदों में से एक, सुखेंदु शेखर रॉय (Sukhendu Sekhar Roy) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं (TMC Rebellion).
टीएमसी के सांसदों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है. टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने कहा कि मई का महीना आधा बीतने से पहले ही जनता ने इस उथल-पुथल और अव्यवस्था को खत्म कर दिया. अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने इतिहास के मशहूर शासक जूलियस सीजर का उदाहरण भी दिया (West Bengal Politics).
‘एक्स’ पर ऐतिहासिक संदर्भ
इस बीच, टीएमसी के सबसे अनुभवी राज्यसभा सांसदों में से एक, सुखेंदु शेखर रॉय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए पार्टी नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाए हैं. उन्होंने रोमन सम्राट जूलियस सीजर का उदाहरण देते हुए लिखा कि बंगाल के लोगों ने मई के मध्य से पहले ही ‘असहनीय अराजकता की स्थिति का अंत कर दिया.
पार्टी की विफलता पर गहरी चिंता
सूत्रों के अनुसार, रॉय ने निजी तौर पर पार्टी के भीतर ‘संस्थागत भ्रष्टाचार’ (Institutional corruption) और आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार-हत्या मामले के बाद उपजे जनआक्रोश को समझने में पार्टी की विफलता पर गहरी चिंता जताई है. उनका मानना है कि 2024 में 29 लोकसभा सीटें जीतने वाली पार्टी की ऐसी दुर्गति आत्मनिरीक्षण की मांग करती है.
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के करीबी रहे छह दशकों के अनुभवी नेता रॉय के इन बयानों ने टीएमसी के भीतर जारी बड़ी दरारों को सार्वजनिक कर दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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