महीनों से चल रहे दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट महाकुंभ ‘आईपीएल 2026’ को आज रात उसका नया बादशाह मिलने वाला है. बता दें कि अहमदाबाद के ऐतिहासिक नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले इस खिताबी महा-मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के सामने गुजरात टाइटन्स (GT) की चुनौती (GT vs RCB IPL Final) है.
क्वालीफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आईपीएल प्लेऑफ के इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज (215 रन) करके फाइनल में पहुंची शुभमन गिल की टाइटन्स इस समय आत्मविश्वास से लबरेज है. लेकिन इस अंतिम जंग से पहले गुजरात का फाइनल इतिहास और उनके घरेलू मैदान का एक ऐसा गणित सामने आया है, जो विरोधी टीम आरसीबी के होश उड़ाने के लिए काफी है.
क्या है गुजरात का मिला-जुला है इतिहास?(GT vs RCB IPL Final)
साल 2022 में आईपीएल की दुनिया में कदम रखने वाली गुजरात टाइटन्स का सफर किसी जादुई कहानी से कम नहीं रहा है. अपने पहले ही सीजन (2022) में हार्दिक पांड्या की कप्तानी में इस टीम ने राजस्थान रॉयल्स को कुचलकर इतिहास रचा और खिताब पर कब्जा किया था. इसके बाद 2023 में टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची, जहां बारिश से बाधित बेहद रोमांचक मैच में उसे सीएसके (CSK) के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी.
अब 2026 में शुभमन गिल की अगुवाई में यह टीम तीसरी बार फाइनल के मंच पर है. आरसीबी के खिलाफ हेड-टू-हेड आंकड़ों में दोनों टीमें 4-4 की बराबरी पर हैं, जो इस खिताबी भिड़ंत को और भी ज्यादा रोमांचक बनाता है.
नरेंद्र मोदी स्टेडियम का अभेद्य किला भेद पाएगी RCB?
गुजरात के लिए यह फाइनल सिर्फ ट्रॉफी जीतने का मौका नहीं, बल्कि आरसीबी से क्वालीफायर-1 में मिली शर्मनाक हार का हिसाब चुकता करने का महा-मंच है. इस महा-मुकाबले में गुजरात का सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र उसका अपना होम ग्राउंड ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ होने वाला है.
इस मैदान पर गुजरात ने अपने 27 लीग मैचों में से 16 में जीत दर्ज की है, जबकि प्लेऑफ के तीन मैचों में से दो में फतह हासिल की है. अहमदाबाद की पिच की रग-रग से वाकिफ शुभमन गिल की सेना को यहां मिलने वाला जनसैलाब आरसीबी पर मानसिक दबाव बनाने का काम करेगा.
हाई-स्कोरिंग पिच पर किसका पलड़ा भारी?
अहमदाबाद के इस मैदान (GT vs RCB IPL Final) पर इस सीजन में आमतौर पर 190 से 200 रनों के पार वाले हाई-स्कोरिंग मैच देखे गए हैं, जहां तेज आउटफील्ड और गेंद की सही उछाल बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका देती है. इस फाइनल की सबसे बड़ी चाबी ‘दूसरी पारी में गिरने वाली ओस’ (Dew Factor) होगी, जिससे बाद में गेंदबाजी करना बेहद मुश्किल हो जाता है.
गुजरात टाइटन्स इस मैदान की बाउंड्री की लंबाई, पिच के मिजाज और ओस के पैटर्न से पूरी तरह वाकिफ है. यही वजह है कि घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने में माहिर गुजरात टाइटन्स को आज के महा-मुकाबले में आरसीबी पर भारी और खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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