पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में एक ऐसा सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला ट्विस्ट सामने आया है, जिसने बंगाल से लेकर दिल्ली तक की सियासत में हड़कंप मचा दिया है. अब तक जिस हमले का ठीकरा टीएमसी और विपक्षी दल बीजेपी के सिर फोड़ रहे थे, उस मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों के तार खुद टीएमसी के ही बड़े नेताओं से जुड़े होने का खुलासा हुआ है.
इस नए इनसाइड इनपुट (Abhishek Banerjee Attack TMC Connection) के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अभिषेक बनर्जी पर हुआ यह हमला किसी बाहरी पार्टी ने नहीं, बल्कि टीएमसी के ही अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा था?
TMC कार्यकर्ता की मां ने खोला बड़ा राज(Abhishek Banerjee Attack: TMC Connection)
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंकने और धक्का-मुक्की करने के आरोप में पुलिस ने जिन मुख्य आरोपियों को दबोचा है, उनमें से कम से कम चार आरोपी टीएमसी की पूर्व विधायक अरुंधति मैत्रा (लवली मैत्रा) के बेहद करीबी माने जाते हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में तपन माइती, निर्मल्या सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास और देबाशीष दत्ता के नाम शामिल हैं.
बात यहीं नहीं रुकती, गिरफ्तार हुए एक अन्य आरोपी आकाश गायेन की मां ने सरेआम मीडिया के सामने कबूल किया है कि उसका बेटा पक्का टीएमसी कार्यकर्ता था और चुनाव में नियमित रूप से टीएमसी के पोलिंग बूथों पर बैठता था. मां का दावा है कि उसके बेरोजगार बेटे की अभिषेक से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी.
अभिषेक बनर्जी ने मामले पर क्या बोला?
इस बड़े खुलासे के बीच, खुद पीड़ित सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर एक लंबा और आक्रामक पोस्ट लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस संकट की घड़ी में चिंता जताने और समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी का विशेष रूप से धन्यवाद किया.
अभिषेक ने लिखा कि पिछले साल उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में पांच देशों का दौरा कर भारत का पक्ष मजबूत किया था, लेकिन आज वे खुद ‘राज्य प्रायोजित आतंक’ के शिकार बन गए हैं. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सत्ता के दबाव और धमकियों के आगे झुकने के बजाय लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ना पसंद करेंगे.
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हर एंगल की जांच में जुटी एजेंसियां
गौरतलब है कि यह हमला (Abhishek Banerjee Attack TMC Connection) दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में तब हुआ था जब अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे. उधर, हुगली में भी ममता के एक और करीबी सांसद कल्याण बनर्जी पर थाने के सामने भीड़ ने हमला कर दिया था, जिसके लिए कल्याण बनर्जी ने बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है.
बहरहाल, अभिषेक बनर्जी मामले में हमलावरों का टीएमसी कनेक्शन सामने आने के बाद जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि यह हमला कोई सोची-समझी अंदरूनी राजनीतिक साजिश थी या महज एक संयोग. इस नए मोड़ ने पुलिस और सरकार दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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