Hanumanji Char Dham Project: सनातन धर्म में अटूट आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए भारत की चारों दिशाओं को सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से मजबूत करने की एक बड़ी मुहिम चल रही है. इस ऐतिहासिक मुहिम का नाम है ‘हनुमान जी चारधाम’ प्रोजेक्ट. इस बेहद खास प्रोजेक्ट के तहत देश की चारों दिशाओं (उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम) में महावीर हनुमान जी की 108 फीट ऊंची और भव्य विशाल प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं. इस श्रृंखला की दूसरी और सबसे प्रसिद्ध कड़ियों में से एक है गुजरात के मोरबी में स्थित पश्चिम दिशा के गदाधारी हनुमान जी की विशाल मूर्ति, जो देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक बड़ा केंद्र बन चुकी है.
मोरबी में स्थापित पश्चिम के गदाधारी हनुमान जी
गुजरात के मोरबी में स्थित परम पूज्य बापू केशवानंद जी के आश्रम में इस 108 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का निर्माण कराया गया है. इस अद्भुत मूर्ति का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हनुमान जयंती के पावन अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया था. यह भव्य प्रतिमा ‘हनुमान जी चारधाम’ परियोजना की दूसरी बड़ी मूर्ति है, जो देश के पश्चिमी छोर पर भक्तों को आशीर्वाद दे रही है. इस विशालकाय मूर्ति की भव्यता और इसकी बनावट इतनी सजीव है कि इसे कई किलोमीटर की दूरी से भी साफ देखा जा सकता है.
हिमाचल से लेकर रामेश्वरम तक फैले हैं चारधाम
इस पूरे धार्मिक प्रोजेक्ट की शुरुआत देश के उत्तरी हिस्से यानी हिमाचल प्रदेश के शिमला से हुई थी. साल 2010 में शिमला के प्रसिद्ध जाखू हिल्स पर उत्तर दिशा की पहली 108 फीट ऊंची हनुमान मूर्ति स्थापित की गई थी. इसके बाद दूसरी मूर्ति पश्चिम दिशा के तौर पर गुजरात के मोरबी में स्थापित हुई. इस कड़ी की तीसरी मूर्ति दक्षिण दिशा में तमिलनाडु के पावन क्षेत्र रामेश्वरम में स्थापित की जा रही है, जिसका काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. वहीं, इस अद्भुत चारधाम प्रोजेक्ट की चौथी और आखिरी मूर्ति देश के पूर्वी हिस्से यानी पश्चिम बंगाल में स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है. इस प्रकार चारों दिशाओं में बजरंगबली की मौजूदगी देश की सांस्कृतिक एकता को दर्शाती है.
अभूतपूर्व है मोरबी की इस प्रतिमा की बनावट
‘श्री हरीश चंद्र जी’ और उनके परिवार के सेवा संकल्प के माध्यम से स्थापित की गई मोरबी की यह हनुमान प्रतिमा वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना है. इस मूर्ति को बनाने में कंक्रीट और विशेष पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि यह हर मौसम की मार को आसानी से झेल सके. मूर्ति में बजरंगबली के चेहरे पर एक असीम शांति, तेज और उनके हाथों में एक विशाल गदा दिखाई देती है. शाम के समय जब इस प्रतिमा पर विशेष रंग-बिरंगी लाइटें जलाई जाती हैं, तब यहां का नजारा बेहद अलौकिक और मनमोहक हो जाता है.
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धार्मिक पर्यटन को मिल रहा है बड़ा बढ़ावा
मोरबी में इस भव्य हनुमान प्रतिमा के स्थापित होने के बाद से गुजरात में धार्मिक पर्यटन (Religous Tourism) को एक नई गति मिली है. प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस आश्रम में बजरंगबली के दर्शन करने और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए पहुंचते हैं. स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार ने भी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस पूरे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, सड़कों और ठहरने की व्यवस्थाओं को काफी बेहतर किया है. यह स्थान अब न सिर्फ आस्था का केंद्र है बल्कि कला और वास्तुकला के प्रेमियों के लिए भी एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है.
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