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दम घुटा या कोई और वजह..क्यों लगा लाशों का अंबार! मालवीय नगर अग्निकांड में मैक्स अस्पताल की रिपोर्ट में क्या ?

मालवीय नगर के फ्लोरिस स्टे होटल में भीषण आग के बाद 39 लोगों को मैक्स अस्पताल लाया गया, जिनमें 18 को मृत घोषित किया गया. कई घायल मरीज ICU और वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती हैं…

Delhi Hotel Fire Max Hospital Update: दिल्ली के मालवीय नगर (हौज रानी) स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ (Floris Stay) होटल में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड को लेकर साकेत स्थित मैक्स अस्पताल (Max Hospital) ने एक बेहद चौंकाने वाला और विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया है.

इस खौफनाक हादसे के बाद मैक्स अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में कुल 39 मरीजों को लाया गया, जिसके तुरंत बाद स्थापित आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत डॉक्टरों की बहु-विषयक (Multi-disciplinary) टीमों ने युद्धस्तर पर उनका इलाज शुरू किया. अस्पताल के मुताबिक, स्थिति बेहद गंभीर है और कई मरीज इस वक्त आईसीयू (ICU) में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे हैं.

मैक्स अस्पताल ने जारी किया बयान(Delhi Hotel Fire Max Hospital)

मैक्स अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, अस्पताल लाए गए कुल 39 मरीजों में से 18 लोगों को डॉक्टरों ने ‘ब्रॉट डेड’ (मृत अवस्था में लाया गया) घोषित किया. डॉक्टरों ने बताया कि मलबे और धुएं में फंसे होने के कारण ज्यादातर मरीजों में दम घुटने (अस्फिक्सिया – Asphyxia) की समस्या पाई गई.

इसके अलावा, जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल और छतों से नीचे कूदने के कारण कई मरीजों के शरीर में गंभीर फ्रैक्चर और गहरे तक जलने (सीवियर बर्न) के खौफनाक निशान मिले हैं. मृतकों में स्थानीय भारतीयों के साथ-साथ इलाज के लिए भारत आए विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

अत्यधिक जलने के कारण 1 मरीज सफदरजंग रेफर

अस्पताल के बेड मैनेजमेंट डेटा के अनुसार, वर्तमान में 15 मरीज गंभीर हालत के चलते आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं, जिनमें से 8 मरीजों की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें लाइफ सपोर्ट (वेंटिलेटर) पर रखा गया है. वहीं, 5 मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

इसके अतिरिक्त, गंभीर रूप से झुलस जाने (अत्यधिक जलने की चोटों) के कारण एक मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर बर्न केयर के लिए सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है.

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6 कमरों के लाइसेंस पर मौत के 25 कमरे

इस महा-त्रासदी (Delhi Hotel Fire Max Hospital) के पीछे होटल प्रशासन की वो आपराधिक लापरवाही है, जिसने 6 कमरों के सरकारी लाइसेंस पर अवैध रूप से 25 कमरे तान दिए थे. सुबह के वक्त जब शॉर्ट सर्किट से आग भड़की, तो बेसमेंट और संकरी लॉबी में फंसे लोगों को वेंटिलेशन न होने के कारण भागने का रास्ता तक नहीं मिला. मैक्स अस्पताल के इस ताजा हेल्थ बुलेटिन ने साफ कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में किए गए इस अवैध निर्माण ने दिल्ली के इतिहास में एक और खूनी अग्निकांड का काला अध्याय लिख दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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