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विदेशी धरती पर भारत के मजदूर का कमाल! मौत के मुंह से खींच लाया बच्ची की जिंदगी, रोमानिया सरकार ने खुद दी अपनी नागरिकता

रोमानिया में भारतीय मूल के मजदूर विपन कुमार ने बर्फीली झील में डूब रही 5 साल की बच्ची की जान बचाकर मिसाल पेश की. उनकी बहादुरी से प्रभावित होकर रोमानिया के क्रायोवा शहर ने उन्हें मानद नागरिकता देने का फैसला किया….

Romania Hero Vipin Kumar: कहते हैं कि नायक  महलों में नहीं, बल्कि अपने हौसलों और कर्मों से पैदा होते हैं. विदेशी धरती रोमानिया से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला और हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर देने वाला मामला सामने आया है. रोमानिया में एक साधारण कंस्ट्रक्शन मजदूर का काम करने वाले भारत के विपिन कुमार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक ऐसी जांबाजी दिखाई है, जिसके बाद पूरी दुनिया उन्हें सलाम कर रही है. अपनी जिंदगी को दांव पर लगाकर एक रोमानियाई मासूम की जान बचाने वाले इस भारतीय जांबाज को रोमानिया सरकार ने एक ऐसा ऐतिहासिक सम्मान दिया है, जो किसी भी देश के लिए बेहद दुर्लभ माना जाता है.

मसीहा बनकर झील में कूद गया भारत का लाल

यह पूरी घटना उस वक्त की है जब विपिन कुमार रोमानिया में अपने कंस्ट्रक्शन साइट के पास मौजूद थे. अचानक उनकी नजर एक जमी हुई झील पर पड़ी, जहां एकदम बर्फीले पानी के बीच एक 5 साल की मासूम बच्ची जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी.

दरअसल बच्ची डूब रही थी और वहां खड़े लोग कुछ समझ नहीं पा रहे थे. बिना एक पल गंवाए, विपिन कुमार ने उस हाड़ कंपा देने वाली ठंड में सीधे बर्फीली झील के अंदर छलांग लगा दी. पानी इतना ज्यादा ठंडा था कि माइनस डिग्री के उस तापमान में किसी भी आम इंसान का दिल काम करना बंद कर दे.

 

सुन्न पड़ गए थे पैर लेकिन नहीं टूटी हिम्मत

झील का पानी इतना बर्फीला था कि विपिन कुमार के पैर पूरी तरह सुन्न हो चुके थे और उनका तैरना नामुमकिन हो गया था. लेकिन उनके सामने एक 5 साल की मासूम की जिंदगी थी. विपिन जानते थे कि अगर बच्ची इस बर्फीले पानी में पूरी तरह डूब गई, तो उसे चंद मिनटों में हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान अचानक खतरनाक स्तर तक गिर जाना) हो जाएगा और उसकी मौत हो जाएगी.

विपिन ने अपने सुन्न पड़ते शरीर की परवाह किए बिना, उस मासूम बच्ची को अपने दोनों हाथों से पानी के ऊपर उठाए रखा. पूरे 30 मिनट (आधे घंटे) तक विपिन मौत के उस बर्फीले समंदर में बच्ची को ढाल बनाकर थामे रहे, जब तक कि वहां रेस्क्यू टीम और मदद नहीं पहुंच गई.

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रोमानिया सरकार ने दिया बड़ा इनाम

30 मिनट की इस खौफनाक जंग के बाद आखिरकार मदद पहुंची और बेहद नाजुक हालत में विपिन कुमार और उस मासूम बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. विपिन कुमार की इस अकल्पनीय बहादुरी और इंसानियत को देखकर पूरा रोमानिया देश उनका मुरीद हो गया है.

रोमानिया सरकार ने इस भारतीय सपूत के जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें रोमानिया की आधिकारिक नागरिकता (Citizenship) से सम्मानित करने का एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है. सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि विपिन कुमार जैसे जांबाज ही सही मायनों में सात समंदर पार भारत की असली संस्कृति और तिरंगे का मान पूरी दुनिया में ऊंचा करते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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