Fir On Prashant Kishor: पटना/आशुतोष: बिहार की राजनीति में उपचुनावों का पारा हमेशा चढ़कर बोलता है, लेकिन पटना के हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले मतदान से ठीक एक दिन पहले सियासी पारा आसमान पर पहुंच गया है. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) और सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच एक वायरल वीडियो को लेकर ऐसी आर-पार की जंग छिड़ गई है, जिसने कानून का दरवाजा खटखटा दिया है.
इस समय बांकीपुर के चुनावी माहौल में आए भूचाल और मतदान से ठीक 24 घंटे पहले बढ़ी कानूनी कशमकश को बढ़ा दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक अपील वाले वीडियो को प्रशांत किशोर द्वारा ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना फर्जी वीडियो’ बताए जाने के बाद जेडीयू आक्रामक हो गई है.
क्यों और किसने दर्ज कराई एफआईआर? (JDU files FIR Prashant Kishor)
बांकीपुर वोटिंग की पूर्व संध्या पर जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पटना के शास्त्री नगर थाने पहुंचे. उन्होंने प्रशांत किशोर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से तुरंत कानूनी और विधि-सम्मत कार्रवाई की मांग की.
जेडीयू का आरोप है कि प्रशांत किशोर ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यक्तित्व और साख पर सीधा हमला किया है. नीतीश कुमार के असली बयान को ‘फेक और एआई-जनरेटेड’ बताकर पीके ने जेडीयू नेतृत्व का भारी अपमान किया है. जेडीयू नेता नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि बांकीपुर में अपनी भावी हार और नीतीश कुमार के अटूट जनसमर्थन से घबराकर प्रशांत किशोर अनाप-शनाप बयानबाजी पर उतर आए हैं.
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क्या था पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वो वीडियो?
उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दौर में एनडीए (NDA) की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो मैसेज जारी किया गया था. इस वीडियो में नीतीश कुमार बांकीपुर से बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में वोट की अपील करते नजर आ रहे थे वीडियो में नीतीश कुमार ने कहा था-
“आप सभी के सहयोग और अटूट विश्वास से हमने बीते दो दशकों में न्याय के साथ विकास की गति को धरातल पर उतारा है. इस विकास की गति को बनाए रखने और एक विकसित बिहार के हमारे निश्चय को पूरा करने के लिए आपका एक-एक वोट बीजेपी और एनडीए उम्मीदवार के लिए बेहद जरूरी है.”
प्रशांत किशोर का दांव (Prashant Kishor on Nitish Kumar AI Video)
जेडीयू द्वारा वीडियो जारी किए जाने के तुरंत बाद प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस वीडियो को पूरी तरह से ‘डॉक्टर्ड और एआई-जनरेटेड’ (AI-generated) करार दे दिया. पीके ने बीजेपी और जेडीयू पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि-
‘अगर वीडियो को ध्यान से देखा जाए तो साफ पता चलता है कि यह नीतीश कुमार का ओरिजिनल बयान नहीं है, बल्कि इसे एआई टूल्स की मदद से एडिट किया गया है.अगर नीतीश बाबू ने सच में यह बयान दिया है, तो उन्हें किसी भी स्वतंत्र पत्रकार के सामने बिठाकर ऐसा बयान दिलवा दीजिए. अगर ऐसा हो गया, तो हम चुनाव से ठीक दो दिन पहले ही बांकीपुर से अपनी दावेदारी वापस ले लेंगे.’
बांकीपुर में वोटिंग से पहले सियासी कशमकश (Prashant Kishor Bankipur by-election)
30 जुलाई की सुबह जब बांकीपुर के मतदाता पोलिंग बूथों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए कतारों में खड़े होंगे, तब शास्त्री नगर थाने में दर्ज यह एफआईआर प्रशांत किशोर के लिए प्रशासनिक और कानूनी रूप से मुश्किलें खड़ी कर सकती है. अब देखना यह होगा कि 30 जुलाई की वोटिंग में बांकीपुर की जनता एआई विवाद और इस एफआईआर के बीच किस पार्टी के दावों पर अपनी मुहर लगाती है.
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