फेसबुक से शुरू हुआ विवाद,अब X तक जा पहुंचा है. सोमवार को दिल्ली पुलिस ने पीएम मोदी से जुड़े आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर X को पत्र लिखा. पुलिस ने ऐसे पोस्ट और वीडियो हटाने की मांग की गई है जिसमे प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदाधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल हुआ है. पुलिस ने जांच के लिए संबंधित अकाउंट्स की जानकारी भी मांगी है.
विवादित पोस्ट पर X को नोटिस
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को पत्र जारी किया. पत्र में पीएम मोदी और अन्य संवैधानिक प्रमुखों को निशाना बनाने वाले आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का निर्देश दिया. X से संबंधित अकाउंट उजर्स की जानकारी भी साझा करने की मांग की. जानकारी में लॉगिन, लॉग आउट, पोस्ट की तारीख और समय, पूरा नाम, पता, संपर्क जानकारी और ईमेल आईडी शामिल हैं . पुलिस द्वारा X से भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4) के तहत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है.
CJP प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई शिकायतें
पुलिस के अनुसार शिकायेतो का सिलसिला जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन और 20 जुलाई के ‘संसद मार्च’ के दौरान शुरू हुआ था. पुलिस के मुताबिक आंदोलन के दौरान PM मोदी और अन्य संवैधानिक प्रमुखों के खिलाफ अपटीजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर संघ हुए थी . पुलिस ने दावा किया कि उनकी मॉनिटरिंग टीम लगातार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही है और आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर कंपनियों को उसे हटाने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं. दिल्ली पुलिस का खेना है कि छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियों पर वो लगातार नजर बनाए हुए हैं .
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Meta के बाद X पर मामला
यह मामला ऐसे समय पे सामने आया है,जब चंद दिन पहले पीएम मोदी का फेसबुक वीडियो Meta द्वारा हटाए जाने पर विवाद खड़ा हुआ था. घटना के पूर्व केंद्र सरकार ने Meta के अधिकारियों से मामले पर जानकारी कि मांग कि थी . केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सिंथेटिक कंटेंट और IT नियमों को लेकर भी चर्चा की. Meta ने बाद में सफाई दी और बोलो कि प्रधानमंत्री का वीडियो तकनीकी गड़बड़ी के कारण डिलीट हुआ था.
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