दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी कुशल सिंह को बड़ी अंतरिम राहत देते हुए उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर लगाए गए कथित अपमानजनक और मानहानिकारक आरोपों से जुड़े इंस्टाग्राम पोस्ट तत्काल हटाने का निर्देश दिया है. जस्टिस सचिन दत्ता की पीठ ने कथित मानहानिकारक इंस्टाग्राम पोस्ट, रील्स, स्टोरी हाइलाइट्स, कैप्शन, कमेंट्स और अन्य संबंधित सामग्री को तुरंत हटाने का आदेश दिया.
अगली सुनवाई 17 सितंबर को
अदालत ने मामले में प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए 30 दिनों के भीतर अपना लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसके बाद वादी कुशल सिंह को भी 30 दिनों के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल करने को कहा गया है. मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष होगी, जहां दस्तावेजों की स्वीकार्यता और अन्य प्रक्रियात्मक पहलुओं पर विचार किया जाएगा. वहीं, मुकदमे और अंतिम राहत याचिका पर सुनवाई के लिए 14 जनवरी 2027 की तारीख तय की गई है.
याचिका के अनुसार, जुलाई 2026 में सिंगापुर में रहने वाली प्रतिवादी ने इंस्टाग्राम पर कई रील्स और स्टोरी पोस्ट के माध्यम से कुशल सिंह पर यौन उत्पीड़न, यौन दुर्व्यवहार और नाबालिगों के प्रति अनुचित व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए. कुशल सिंह का कहना है कि यह उनकी पेशेवर छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया गया एक सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान था.
कुशल सिंह के वकील ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान कुशल सिंह की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वह भारतीय सीनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम के खिलाड़ी हैं और एफआईबीए अंडर-16 एशियन चैंपियनशिप 2022 सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर लगाए गए यौन दुराचार और नाबालिगों के प्रति अनुचित व्यवहार के आरोप पूरी तरह झूठे, निराधार और मानहानिकारक हैं.
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी आदेश का पालन नहीं करती है, तो कुशल सिंह इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा से संपर्क कर अदालत के आदेश को लागू कराने के लिए स्वतंत्र होंगे. इसके साथ ही कोर्ट ने वादी को सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत आवश्यक औपचारिकताओं को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है.
-भारत एक्सप्रेस
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