पीएम मोदी ने शनिवार (1 अगस्त 2026) को कर्नाटक के सांस्कृतिक शहर मैसूर में श्री रामकृष्ण आश्रम द्वारा निर्मित अत्याधुनिक ‘स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र’ (विवेक स्मारक) का भव्य उद्घाटन किया. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित पवित्र ग्रंथ ‘वाल्मीकि रामायण’ और प्रसिद्ध पुस्तक ‘स्टोरीज ऑफ वेदांत मंक्स’ (Stories of Vedanta Monks) के कन्नड़ अनुवाद भी आधिकारिक रूप से जारी किए.
अपनी मातृभाषा के जरिए दार्शनिक परंपराओं से जुड़ेंगे युवा: पीएम मोदी
इन दोनों महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक प्रकाशनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये कन्नड़ अनुवाद भारत की कालातीत, समृद्ध आध्यात्मिक और साहित्यिक विरासत को कन्नड़ भाषी पाठकों, विशेषकर युवा पीढ़ी के और अधिक करीब लाएंगे.
उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस दूरदर्शी पहल से देश की युवा शक्ति को अपनी मातृभाषा (कन्नड़) के माध्यम से भारत की महान सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपराओं से सीधे जुड़ने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा.
एक्स (X) पर तस्वीरें साझा कर की सराहना
कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर श्री रामकृष्ण आश्रम की अपनी इस यात्रा और वहां के श्रद्धेय साधुओं से हुई आत्मीय बातचीत की तस्वीरें साझा कीं. प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा-
“मैसूर में श्री रामकृष्ण आश्रम गया. समाज की निस्वार्थ सेवा करने और हमारी युवा शक्ति को सशक्त बनाने में उनके निरंतर प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं.”
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अपनी मैसूर यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने आश्रम के साधुओं और संन्यासियों के साथ विस्तृत चर्चा की तथा समाज कल्याण और मानव सेवा के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे सतत कार्यों की खुले दिल से प्रशंसा की. उन्होंने विशेष रूप से स्वामी विवेकानंद और युगपुरुष श्री रामकृष्ण परमहंस की महान शिक्षाओं के माध्यम से नैतिक मूल्यों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवा सशक्तिकरण में आश्रम की ऐतिहासिक भूमिका को सराहा.
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