Datia Congress Expels Rajendra Bharti: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में वोटिंग खत्म होते ही और मतगणना से ठीक पहले कांग्रेस ने एक ऐसा बड़ा धमाका किया है, जिसने सूबे की राजनीति में खलबली मचा दी है. कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने कड़ा और त्वरित फैसला लेते हुए दतिया से तीन बार के विधायक और दिग्गज नेता राजेंद्र भारती (Rajendra Bharti) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निकाल बाहर किया है. इस निष्कासन के बाद खुद राजेंद्र भारती का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि, “मुझे निष्कासन से कोई फर्क नहीं पड़ता.
‘हमें नरोत्तम मिश्रा से लड़ने की कीमत मिली है’ (Rajendra Bharti On Congress)
पार्टी से निकाले जाने के बाद तल्ख तेवर दिखाते हुए राजेंद्र भारती ने कहा कि पूरी जनता और हाईकमान जानता है कि उनकी असली लड़ाई नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) के खिलाफ थी. भारती ने कहा, “हम लड़ने वाले लोग हैं. नरोत्तम मिश्रा से लड़ाई के कारण हमारे लोगों का बड़ा नुकसान हुआ है, लोग जेल भी गए. अगर उस लड़ाई की कीमत हमें पार्टी से निष्कासन के रूप में मिलती है, तो यह वाकई आश्चर्यजनक है. अब मैं पार्टी फोरम पर अपनी कोई बात रखने नहीं जाऊंगा, आगे का राजनीतिक भविष्य खुद तय करूंगा.”
लगा था BJP का काम करने का आरोप (Datia Assembly bypoll)
आपको बता दें कि यह सारा भूचाल 30 जुलाई को मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद आया. कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर बेहद गंभीर आरोप लगाया था. सिंह ने कहा था कि भारती ने चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से पैसे लेकर उनके पक्ष में काम किया है यानी पार्टी के साथ सीधे तौर पर ‘भीतरघात’ किया है. अमूमन कांग्रेस ऐसे मामलों में चुनाव नतीजे आने का इंतजार करती है, लेकिन इस बार पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने बिना देर किए तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई कर डाली.
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दिग्गज की दखल भी नहीं आई काम (Datia bypoll results Update)
राजेंद्र भारती का परिवार दतिया की राजनीति में बेहद रसूखदार रहा है. उन्हें मनाने के लिए खुद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उनके घर तक गए थे. हाल ही में वे अपने बेटे को राहुल गांधी से भी मिलवाकर आए थे. लेकिन जब बात अनुशासनहीनता की आई, तो कांग्रेस आलाकमान ने किसी भी रसूख को आड़े नहीं आने दिया. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दतिया का यह एपिसोड साबित करता है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस अब कड़े और तेज फैसले लेने से हिचकिचा नहीं रही है.
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