जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की नई चाल
Jammu Kashmir Pakistan New Conspiracy: रवि शर्मा/जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के ऑपरेशन ऑल-आउट से पाकिस्तान पस्त हो चुका है. ऐसे में अब घाटी में अशांति फैलाने के लिए अपनी घिनौनी चाल पर उतर आया है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और उसके पाले हुए आतंकी आकाओं ने अपना पैंतरा बदल लिया है. खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान अब जम्मू-कश्मीर के भटके युवाओं को सीधे आतंकी संगठन में भर्ती करने के बजाय पहले उन्हें ‘लोकल क्रिमिनल नेटवर्क’ में धकेलने की साजिश रच रहा है.
आतंकियों को क्राइम सिंडिकेट का सहारा (Pakistan New Hybrid Crime Model)
सुरक्षा तंत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में स्थानीय आतंकवाद की रीढ़ टूट चुकी है. युवाओं में आतंकवाद के प्रति अलगाव साफ देखा जा रहा है. इस हकीकत से बौखलाया पाकिस्तान अब हाइब्रिड मॉडल के तहत अपराध की दुनिया का इस्तेमाल कर रहा है.
सीमा पार बैठे हैंडलर्स सोशल मीडिया, ड्रग्स और पैसों के लालच के जरिए स्थानीय युवकों को छोटे-मोटे अपराधों से जोड़ते हैं, फिर उन्हें अत्याधुनिक हथियार मुहैया कराकर टारगेट किलिंग और जबरन वसूली जैसी गतिविधियों के लिए तैयार करने की फिराक में रहते हैं. इस नापाक चाल का मकसद आतंक को ‘सामान्य अपराध’ का चोला पहनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बचने का रास्ता खोजना भी है.
जम्मू में दबोचे लोगों का सीमा तार (Pakistan Border Smuggling Drone Arms J&K)
जम्मू पुलिस ने खुफिया इनपुट के आधार पर कई संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं. पकड़े गए आरोपियों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो परत-दर-परत पाकिस्तान का काला चिट्ठा खुलता चला गया. बताया जा रहा है अपराधियों को हथियार पहुंचाने और निर्देश देने वाले तार सीधे तौर पर सीमा पार बैठे पाकिस्तानी आकाओं से जुड़े हुए हैं.
नेटवर्क ध्वस्त करने की तैयारी (Pakistan Youth Arms Conspiracy)
पाकिस्तान के इस नए नापाक मंसूबे को भांपते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है. सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराए जाने वाले हथियार और नशीले पदार्थों के रिसीवर्स पर 24 घंटे तकनीकी सर्विलांस बैठा दिया गया है. युवाओं को बरगलाने वाले पाकिस्तानी वर्चुअल नंबरों और टेलीग्राम/व्हाट्सएप ग्रुप्स को ट्रैक कर निष्क्रिय किया जा रहा है.
युवाओं की काउंसलिंग जारी (Pakistan Gangster Plan In Jammu Kashmir)
पुलिस प्रशासन उन परिवारों और युवाओं से भी सीधा संवाद स्थापित कर रहा है, जिन्हें आपराधिक दलदल में खींचने की कोशिश की जा रही है, ताकि उन्हें समय रहते इस साजिश से बाहर निकाला जा सके. जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान चाहे अपनी रणनीति बदले या कोई नया नकाब ओढ़े, घाटी में शांति बहाली के संकल्प के आगे उसकी हर चाल को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा.
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