महाराष्ट्र के ऐतिहासिक और गौरवशाली सार्वजनिक गणेशोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने द एशियाटिक सोसायटी में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘bappa.org’ नामक एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया.
इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र की सदियों पुरानी गणेशोत्सव परंपरा, सामाजिक समरसता और अटूट आस्था को पूरी दुनिया के सामने लाना और इस उत्सव को यूनेस्को (UNESCO) की ‘विश्व धरोहर’ (World Heritage) का दर्जा दिलाना है.
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने खुद अपलोड की पहली कहानी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने घर के गणपति उत्सव का भावुक संस्मरण और कहानी खुद ‘bappa.org’ पोर्टल पर अपलोड करके इस डिजिटल क्रांति का आगाज किया. इस मंच के जरिए भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के गणेश भक्त बप्पा से जुड़ी अपनी अनसुनी कहानियां, तस्वीरें, अनोखी परंपराएं और व्यक्तिगत अनुभव साझा कर सकेंगे.
‘बाप्पा रथ’ को दिखाई गई हरी झंडी
डिजिटल मंच के साथ-साथ सीएम फडणवीस ने राज्य की भव्य सांस्कृतिक झांकी ‘बाप्पा रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस रथ का सबसे मुख्य और अद्भुत आकर्षण सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स के हुनरमंद विद्यार्थियों और शिल्पकारों द्वारा तैयार की गई 12 फीट ऊंची मोदक की भव्य कलाकृति है. यह सांस्कृतिक रथ महाराष्ट्र के कोने-कोने में घूमकर गणेशोत्सव की महान विरासत का संदेश फैलाएगा.
महाराष्ट्र के 40,000 गांवों की आस्था का होगा ग्लोबल डिस्प्ले
मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की कि इस डिजिटल अभियान के माध्यम से महाराष्ट्र के करीब 40 हजार गांवों तक सीधे पहुंचने का विशाल लक्ष्य रखा गया है. इन गांवों की ऐतिहासिक गणेश प्रतिमाओं, स्थानीय परंपराओं, ग्रामीण उत्सवों और उनसे जुड़े अद्भूत किस्सों को ‘bappa.org’ के जरिए पूरी दुनिया के सामने डिजिटल रूप में लाइव पेश किया जाएगा.
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जापान से लेकर पूरे एशिया में गणेश पूजा का नेटवर्क
सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान गणेश की पूजा केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि जापान समेत एशिया के कई देशों में भी बप्पा के मंदिर मौजूद हैं और वहां उन्हें विभिन्न रूपों में पूजा जाता है. बाल गणेश की कथाओं से लेकर लोकमान्य तिलक द्वारा शुरू किए गए सार्वजनिक गणेशोत्सव के सामाजिक स्वरूप तक, बप्पा के प्रति वैश्विक श्रद्धा को यह पोर्टल एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा.
बप्पा के भक्तों के लिए डिजिटल संगम
‘बाप्पा रथ’ पर सवार यह 12 फीट का मोदक पूरे महाराष्ट्र का दौरा करेगा. इस सफर के दौरान जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे और स्थानीय लोगों को अपनी परंपराओं को डिजिटल रूप से सहेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा. महाराष्ट्र सरकार की इस दूरदर्शी पहल की चारों तरफ जमकर तारीफ हो रही है और माना जा रहा है कि यह कदम भारतीय संस्कृति को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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