भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के परवाणू शाखा ने हिमाचल के सोलन जिले के बद्दी स्थित होटल सरोवर पोर्टिको में एक विशेष स्टेकहोल्डर्स कॉन्क्लेव आयोजित किया. इसमें एमएसएमई (MSME) इंडस्ट्री मीट का भी रखी गई. इसका मुख्य विषय ‘एसडीजी 7- सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा’ के लक्ष्य पर केंद्रित था. इस मीट में क्षेत्र के कई लाइसेंस प्राप्त और गैर-लाइसेंस प्राप्त उद्योगों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों और संबंधित हितधारकों को गुणवत्ता मानकों (क्वालिटी स्टैंडर्ड्स), मानकीकरण और प्रमाणित उत्पादों (सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स) के महत्व के प्रति जागरूक करना था.
दिग्गज हुए शामिल
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीबीएनआईए (BBNIA) के उपाध्यक्ष सह मेंटर एमएसएमई अजय वर्मा, सिपेट (CIPET) बद्दी के संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख मनोज कुमार राजपूत तथा एसडब्ल्यूसीए (SWCA) नालागढ़ के उप निदेशक सन्नी उपस्थित रहे.
निदेशक और साइंटिस्ट ने साझा किए विचार
बीआईएस परवाणू शाखा कार्यालय से निदेशक एवं प्रमुख सुभाष नाइक और संयुक्त निदेशक एवं साइंटिस्ट-डी शुभम तिवारी ने उद्योगों को बीआईएस के नियमों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं, ‘मानक ऑनलाइन’ पोर्टल की कार्यप्रणाली, भारतीय मानकों और लाइसेंस के दायरे में नए उत्पादों को जोड़ने से जुड़े सवालों के सीधे जवाब दिए.
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि आर्थिक तरक्की और औद्योगिक विकास के लिए गुणवत्ता नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. बीआईएस अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ब्यूरो भारतीय मानकों के जरिए पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा दे रहा है.
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बताया गया कि मानक ऊर्जा की बचत, संसाधनों के सही इस्तेमाल, कचरे में कमी और इको-फ्रेंडली मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे स्वच्छ और किफायती ऊर्जा के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलती है. कार्यक्रम का समापन औद्योगिक क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली को मजबूत करने, पर्यावरण के अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा देने और प्रमाणित उत्पादों को अपनाने के संकल्प के साथ हुआ.
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