भारत में Apple Pay लॉन्च
Apple Pay India Launch: एप्पल ने आखिरकार भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस एप्पल पे को लॉन्च कर दिया है. ये लॉन्च ऐसे टाइम पर हुआ है जब भारत पहले से ही दुनिया के सबसे एडवांस डिजिटल पेमेंट मार्केट में गिना जाता है. यहां रोजमर्रा के ज्यादातर लेनदेन यूपीआई के जरिए ही होते हैं, आंकड़ों की मानें तो देश के कुल डिजिटल पेमेंट्स का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा अकेले यूपीआई संभालता है. ऐसे में सबकी नजर इस बात पर है कि एप्पल पे यहां अपनी जगह कैसे बनाएगा.
कंपनी का इकोसिस्टम होगा और मजबूत
मार्केट रिसर्च कंपनी सीएमआर के इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट प्रभु राम का कहना है कि भारत में एप्पल पे का आना एप्पल के लिए एक बड़ा मूव है. इससे कंपनी का हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और सर्विसेज वाला पूरा सिस्टम और ज्यादा मजबूत होगा. एप्पल अब चाहता है कि उसके यूजर्स को पेमेंट के लिए कहीं और न जाना पड़े, सब कुछ उसके ही इकोसिस्टम में आसानी से हो जाए. मतलब अब आईफोन यूजर को एक ही जगह पर पूरा पेमेंट एक्सपीरियंस मिल सकेगा.
शुरुआत में सिर्फ Axis Bank के कार्ड होंगे सपोर्टेड
फिलहाल एप्पल पे हर बैंक के लिए नहीं आया है. कंपनी ने शुरुआत एक्सिस बैंक के साथ की है. जिन लोगों के पास एक्सिस बैंक का वीजा या मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड है, वो उसे अपने आईफोन, आईपैड और एप्पल वॉच में ऐड कर पाएंगे. एप्पल का प्लान है कि जल्द ही ये सुविधा मैकबुक और बाकी मैक डिवाइस पर भी दे दी जाए. इससे यूजर्स लैपटॉप से भी टैप करके पेमेंट कर सकेंगे.
क्यों खास है Axis Bank के साथ पार्टनरशिप?
प्रभु राम ने बताया कि एक्सिस बैंक के साथ शुरुआत करना एप्पल के लिए काफी स्मार्ट फैसला है. एक्सिस बैंक भारत में क्रेडिट कार्ड देने वाला चौथा सबसे बड़ा बैंक है. बैंक के पास करीब 1.62 करोड़ एक्टिव क्रेडिट कार्ड हैं. वहीं पूरे देश में कुल क्रेडिट कार्ड की संख्या 12.2 करोड़ को पार कर चुकी है. साथ ही इंडिया में लोग अब कॉन्टैक्टलेस पेमेंट को तेजी से अपना रहे हैं, तो एप्पल पे के लिए मार्केट पहले से तैयार है.
UPI की बादशाहत पर नहीं पड़ेगा असर
कई लोग सोच रहे हैं कि क्या एप्पल पे के आने से यूपीआई खत्म हो जाएगा? इस पर एक्सपर्ट्स ने साफ किया कि ऐसा कुछ नहीं होने वाला है. प्रभु राम ने कहा कि यूपीआई भारतीय लोगों के डेली पेमेंट का असली हीरो है और वही रहेगा. एप्पल पे यूपीआई को रिप्लेस नहीं करेगा. इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो एप्पल डिवाइस यूज करते हैं. उनके लिए कार्ड से पेमेंट करना और भी आसान और स्मूद हो जाएगा और वे एप्पल के इकोसिस्टम से और मजबूती से जुड़ जाएंगे.
OTP के झंझट से मिलेगी छुट्टी
काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का भी यही मानना है कि एप्पल पे इंडिया में कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ा सकता है. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात ये है कि एप्पल पे से पेमेंट करते वक्त बार-बार ओटीपी डालने की जरूरत खत्म हो जाएगी. चेकआउट के टाइम पर बस फेस आईडी या टच आईडी से पेमेंट हो जाएगा, जिससे एप्पल यूजर्स के लिए पूरा प्रोसेस बहुत फास्ट हो जाएगा.
भविष्य बैंकों के जुड़ने पर टिका है
तरुण पाठक ने कहा कि अब देखना ये होगा कि आने वाले महीनों में कितने बड़े बैंक एप्पल पे के साथ जुड़ते हैं. अभी तो सिर्फ एक्सिस बैंक है, लेकिन अगर एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एसबीआई जैसे बड़े बैंक भी इसमें शामिल हो गए तो यूजर्स की संख्या रातोंरात बढ़ सकती है. उनका कहना है कि यूपीआई अपनी जगह कायम रहेगा, लेकिन एप्पल पे एप्पल को अपने प्रीमियम कस्टमर्स को एक ज्यादा प्रीमियम और एक जैसा पेमेंट एक्सपीरियंस देने में मदद करेगा.
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कोविड के बाद बदली पेमेंट की आदत
एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोविड-19 के बाद इंडिया में लोगों ने क्रेडिट कार्ड और एनएफसी यानी नियर फील्ड कम्युनिकेशन वाले पेमेंट को खूब अपनाया है. दोनों ही सेगमेंट में हर साल दो अंकों में ग्रोथ देखी जा रही है. ऐसे में एप्पल पे को इस बदली हुई आदत का सीधा फायदा मिल सकता है. एप्पल ने बताया कि एक्सिस बैंक के ग्राहक अपना कार्ड एप्पल पे में जोड़कर देश के हजारों दुकानों, ऐप्स और वेबसाइट पर पेमेंट कर सकते हैं. जहां-जहां एनएफसी मशीन लगी है वहां बस आईफोन या वॉच टैप करके पेमेंट हो जाएगा. कंपनी का दावा है कि इसमें न तो पिन डालना पड़ेगा और न ही ओटीपी की जरूरत होगी, जिससे पेमेंट तेज, सेफ और प्राइवेट रहेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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