हिमंता बिस्वा सरमा, सीएम, असम
असम के लिए सेमीकंडक्टर के क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है. मोरीगांव जिले के जागीरोड में बन रही सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा में पहला ‘क्लीन रूम’ तैयार हो चुका है. इतना ही नहीं, इस केंद्र में पायलट चिप का उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को इसे राज्य के लिए एक अहम उपलब्धि बताया.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस बड़े प्रोजेक्ट में कुल दो क्लीन रूम बनाए जाने हैं. इनमें से पहले का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि दूसरे क्लीन रूम पर अभी काम चल रहा है. सरमा ने बताया कि वह कुछ दिन पहले भी इस सुविधा का जायजा लेने पहुंचे थे और उस समय तक क्लीन रूम तैयार हो चुका था.
दिसंबर या जनवरी में हो सकता है उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि इस अत्याधुनिक सुविधा का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं. इसके लिए दिसंबर या जनवरी का समय संभावित बताया गया है. उद्घाटन कार्यक्रम में देश की कई जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने की भी उम्मीद है.
जागीरोड में तैयार हो रही यह सुविधा करीब 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित की जा रही है. इसे भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है. केंद्र सरकार के अनुसार, यह देश की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग यूनिट है.
रोजाना 4.8 करोड़ चिप बनाने की क्षमता
प्लांट के पूरी तरह चालू होने के बाद यहां हर दिन करीब 48 मिलियन यानी 4.8 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स के उत्पादन की क्षमता होगी. सुविधा में आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. इनमें वायर बॉन्डिंग, फ्लिप चिप और इंटीग्रेटेड सिस्टम पैकेजिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं.
इन चिप्स का इस्तेमाल कई अहम उद्योगों में किया जा सकेगा. ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर संचार उपकरणों और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने में इस प्लांट की भूमिका रहने की उम्मीद है.
रोजगार के भी बड़े मौके
इस प्रोजेक्ट का असर सिर्फ सेमीकंडक्टर उत्पादन तक सीमित नहीं रहने वाला है. इससे असम में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और पूरे क्षेत्र में नए कारोबार और सप्लाई चेन विकसित होने की उम्मीद है.
सरकारी अनुमानों के मुताबिक, प्लांट और इससे जुड़े इकोसिस्टम के जरिए करीब 27,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. ऐसे में जागीरोड का यह प्रोजेक्ट स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के नए रास्ते खोल सकता है.
पूर्वोत्तर के लिए क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट?
भारत लंबे समय से देश में अपना मजबूत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दे रहा है. फरवरी 2024 में इस परियोजना को ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत मंजूरी मिली थी. अब पायलट चिप का उत्पादन शुरू होना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. असम सरकार को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए राज्य में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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