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GST Meeting 2026: डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और देश के छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. व्यापार को सुलभ और आसान बनाने के उद्देश्य से जीएसटी परिषद (GST Council) अपनी अगली बैठक में छोटे ऑनलाइन सेलर्स और एमएसएमई कारोबारियों के लिए कई प्रक्रियागत छूट और राहत की घोषणा कर सकती है.
जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक में छोटे ई-कॉमर्स कारोबारियों को राहत देने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के गोदामों को ही अतिरिक्त व्यावसायिक स्थान दर्ज करने की अनुमति मिल सकती है. इससे लॉजिस्टिक्स का खर्च घटेगा और छोटे विक्रेता बिना किसी अतिरिक्त कानूनी झंझट के पूरे देश में अपना व्यवसाय फैला सकेंगे.
जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक में छोटे ई-कॉमर्स
कारोबारियों को राहत देने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के गोदामों को ही अतिरिक्त व्यावसायिक स्थान दर्ज करने की अनुमति मिल सकती है. इससे लॉजिस्टिक्स का खर्च घटेगा और छोटे विक्रेता बिना किसी अतिरिक्त कानूनी झंझट के पूरे देश में अपना व्यवसाय फैला सकेंगे.
7 अक्टूबर को होगी जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक
जीएसटी काउंसिल की 57वीं महत्वपूर्ण बैठक 7 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का मुख्य फोकस छोटे कारोबारियों और ई-कॉमर्स सेलर्स को कानूनी व प्रक्रियागत झंझटों से मुक्ति दिलाना है.
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के गोदामों को घोषित कर सकेंगे अपना पता
नए प्रस्तावों के अनुसार, अमेजन या फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर बिक्री करने वाले विक्रेताओं को ई-कॉमर्स कंपनियों के गोदामों को ही अपने ‘अतिरिक्त व्यावसायिक स्थान’ (APoB) के रूप में पंजीकृत करने की छूट दी जा सकती है. इससे व्यापारियों को हर राज्य में अलग से दुकान या गोदाम किराए पर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
लॉजिस्टिक्स खर्च में आएगी कमी, पूरे देश में पहुंचेगा सामान
भौतिक कार्यालय और किराए के गोदामों की झंझट खत्म होने से एमएसएमई और छोटे विक्रेताओं की लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी. इसके अलावा, भौतिक सत्यापन के जटिल कानूनी कागजी झंझटों से राहत मिलने से छोटे व्यापारी आसानी से देशभर में अपना डिलीवरी नेटवर्क फैला सकेंगे.
टैक्सपेयर्स के लिए विवादों को सुलझाने की नई तैयारी
गोदाम पंजीकरण की राहत के साथ-साथ, जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईमानदार टैक्सपेयर्स के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की सुरक्षा पर भी मंथन होगा. इसके अलावा, छोटे टैक्स विवादों को जल्दी खत्म करने के लिए एक मौद्रिक सीमा तय करने की भी तैयारी चल रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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