लखनऊ। सामाजिक, शैक्षणिक और साहित्यिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से संगम फाउंडेशन, लखनऊ ने अपने प्रतिष्ठित 11वें ‘अवध रत्न पुरस्कार’ के विजेताओं को सम्मानित किया। फाउंडेशन की उच्चस्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से पुरस्कार विजेताओं के नाम तय किए गए थे। ये बैठक ख्व़ाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो. सोहान सईद के संचालन और पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सैयद शफीक़ अहमद अशरफ़ी की अध्यक्षता में संपन्न हुई थी।
प्रमुख सम्मानित हस्तियां
इस वर्ष का सर्वोच्च ‘सैयद नईम अशरफ़ अवध रत्न पुरस्कार’ (सामाजिक एवं शैक्षणिक सेवा) राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शाहिद अख़्तर को प्रदान किया गया। प्रो. अख़्तर ने इस सम्मान पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, “मैं संगम फाउंडेशन, लखनऊ के प्रति हृदय से आभारी हूं। यह सम्मान मुझे समाज और शिक्षा की बेहतरी के लिए और अधिक समर्पण से काम करने की प्रेरणा देता है।” अकादमिक स्तर पर प्रोफ़ेसर (डॉ.) शाहिद अख़्तर जामिया मिल्लिया इस्लामिया में में मैनेजमेंट विभाग में प्रोफ़ेसर हैं और झारखंड अल्पसंख्यक आयोंग के अध्यक्ष के तौर पर भी वो अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इनके अलावा, ख्व़ाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा को ‘सैयद मंज़ूर अहमद अशरफ़ी अवध रत्न पुरस्कार’ (समग्र योगदान) से सम्मानित किया गया।
साहित्य और पत्रकारिता में योगदान
उर्दू भाषा और साहित्य के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए प्रोफ़ेसर मोहम्मद क़मरुल होदा फ़रीदी को ‘सैयद शमसुज़ोहा ग़ौसी अवध रत्न पुरस्कार’ से नवाज़ा गया। वहीं, हिंदी पत्रकारिता के लिए श्री सुधीर मिश्रा, उर्दू पत्रकारिता के लिए श्री सैयद हुसैन अफ़सर, हिंदी साहित्य के लिए प्रो. जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और युवा लेखन के लिए डॉ. वसी अहमद आज़म अंसारी को सम्मानित किया गया।
भव्य समारोह का आयोजन
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को आल इंडिया कैफ़ी आज़मी एकेडमी, निशातगंज, लखनऊ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अम्मार रिज़वी (पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश) ने की, जबकि मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक़्फ़ एवं हज राज्य मंत्री श्री दानिश आजाद अंसारी थे। समारोह में प्रो. ख्व़ाजा मोहम्मद एकरामुद्दीन (JNU) और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राकेश चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अब्बास रज़ा नैयर ने किया, जबकि परिचय प्रो. एस.एस.ए. अशरफ़ी और प्रो. सौबान सईद द्वारा प्रस्तुत किया गया।
10 वर्षों से सम्मान की परंपरा
फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. शफ़ीक़ अहमद अशरफ़ी ने बताया कि संगम फ़ाउंडेशन पिछले 10 वर्षों से समाज, शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करता आ रहा है। यह पुरस्कार अवध क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक परंपरा को आगे बढ़ाने का एक सराहनीय प्रयास है। समारोह में डॉ. नीरज शुक्ला, सैयद परवेज़ अशरफ़, सैयद ज़ुल्फि़क़ार अली, डॉ. मोहम्मद अकमल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
— भारत एक्सप्रेस
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