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ट्रंप हुए फेल, अब मोदी कराएंगे रूस-यूक्रेन में युद्धविराम? पुतिन और जेलेंस्की दोनों की रजामंदी से जगी उम्मीद

Russia Ukraine Peace Plan: रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत ने ऊर्जा ढांचे, Black Sea shipping और अनाज-ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तीन-सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव रखा है.

Russia-Ukraine

India Peace Plan for Russia-Ukraine war: पिछले 4 सालों से पूरे यूरोप को खौफ में डालने वाले और विश्व अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख देने वाले रूस-यूक्रेन महा-युद्ध को रोकने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत तमाम पश्चिमी देश पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं. लेकिन अब पिछले कुछ दिनों की रिपोर्ट देखें तो लगता है इस विनाशकारी युद्ध को खत्म करने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी भारत ने अपने हाथों में ले ली है.

दरअसल भारत द्वारा पेश किए गए ‘3-सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव’ पर रूस और यूक्रेन दोनों ने एक सुर में अपनी मुहर लगा दी है. मॉस्को से लेकर कीव तक, दोनों देशों ने माना है कि केवल भारत का ही प्लान इस जंग को हमेशा के लिए रोक सकता है.

पुतिन के प्रवक्ता पेस्कोव ने जताया आभार(India Peace Plan for Russia-Ukraine)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव जीतने के बाद से ही दावा कर रहे थे कि वे चुटकी बजाते ही रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा देंगे, लेकिन उनकी तमाम बैठकें और कूटनीति फुसफुसा पटाखा साबित हुईं. इसके विपरीत, भारत के व्यावहारिक और निष्पक्ष प्रयास रंग ला रहे हैं.

रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि भारत ने यूक्रेन संकट को सुलझाने के लिए जो व्यावहारिक योगदान और 3-सूत्रीय सुझाव दिए हैं, उसके लिए रूस अपने भारतीय दोस्तों का दिल से आभारी है.

यूक्रेन को भी भाया ‘भारत का फॉर्मूला’

केवल रूस ही नहीं, बल्कि यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने भी कीव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत के शांति प्रस्ताव की खुले दिल से तारीफ की. सिबिहा ने बताया कि उनके पास तुर्की, मिस्र, अमेरिका और भारत समेत 4 देशों के शांति प्रस्ताव आए थे, लेकिन इनमें भारत का प्रस्ताव सबसे व्यापक, व्यावहारिक और निष्पक्ष है. यूक्रेन ने साफ कर दिया है कि वह भारत के इस सीजफायर फॉर्मूले को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

क्या है भारत का 3-सूत्रीय मास्टरप्लान?

भारत का यह शांति प्रस्ताव युद्ध के सबसे संवेदनशील और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित है, जिससे दोनों देशों का भारी नुकसान तुरंत रोका जा सके:

एनर्जी प्लांट्स पर नो-अटैक: दोनों देश एक-दूसरे के पावर ग्रिड्स, न्यूक्लियर/एनर्जी प्लांट्स और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी तरह के मिसाइल या ड्रोन हमले तुरंत रोकेंगे.

ब्लैक सी से सुरक्षित व्यापार: काला सागर (Black Sea) के प्रमुख बंदरगाहों से खाद्यान्न (अनाज) और ऊर्जा संसाधनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वैश्विक भुखमरी का खतरा टल सके.

कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा: ब्लैक सी में आवाजाही करने वाले व्यापारिक कार्गो जहाजों पर किसी भी तरह की गोलाबारी और हमलों पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा.

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भारत क्यों बना इकलौता ‘ट्रस्टेड मीडिएटर’?

रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए 4 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है. NATO और पश्चिमी देश जहां इस आग में घी डालने का काम कर रहे थे, वहीं पीएम मोदी ने पहले दिन से ही संवाद और कूटनीति का रास्ता (India Peace Plan for Russia-Ukraine) सुझाया था. भारत के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भूराजनीतिक रूप से पश्चिमी देशों के साथ-साथ यूक्रेन से भी बेहद मजबूत और दोस्ताना संबंध हैं. यही वजह है कि दोनों गुट भारत की बात को बिना किसी शक के मानने को तैयार हुए हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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