Bharat Express DD Free Dish

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के लिए नो-वोटिंग: BJP की किस पांसे से बैकफुट पर गए अखिलेश यादव?

UP Rajya Sabha Election Update: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर अब वोटिंग नहीं होगी. 2 निर्दलीय नामांकन रद्द होने के बाद बीजेपी के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी निर्विरोध तय. जानिए क्यों तीसरे प्रत्याशी से पीछे हटे अखिलेश यादव?

UP Rajya Sabha Election, BJP, Samajwadi Party, Akhilesh Yadav, Yogi Adityanath, Ram Gopal Yadav, UP Politics, Election Commission

अखिलेश यादव

UP Rajya Sabha Election Update: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान का सस्पेंस अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि प्रदेश में राज्यसभा के लिए मतदान की नौबत नहीं आएगी. क्योंकि, स्क्रूटनी के दौरान 2 निर्दलीय प्रत्याशियों कांते सयन्ना और ओमकार नाथ चौरसिया के पर्चे खारिज होने के बाद मैदान में सिर्फ 10 उम्मीदवार बचे हैं. इसमें भारतीय जनता पार्टी के 8 और समाजवादी पार्टी के 2 प्रत्याशी शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर तीसरे उम्मीदवार को लेकर पहले हुंकार भरने वाली समाजवादी पार्टी ने ऐन वक्त पर पैर पीछे क्यों खींच लिए? बीजेपी के किस राजनीतिक पांसे में फंसकर अखिलेश यादव को बैकफुट पर आना पड़ा?

कौन होंगे 10 नए सांसद? (UP Rajya Sabha Election 10 Candidates List)

निर्दलियों के रेस से बाहर होने के बाद अब यह तय हो गया है कि बीजेपी के 8 और सपा के दो प्रत्याशी सांसद बनने जा रहे हैं. अब 9 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम समयसीमा समाप्त होते ही सभी 10 प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर प्रमाण पत्र सौंप दिए जाएंगे.

  • बीजेपी के 8 प्रत्याशी: धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, राम प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह और श्रुति गंगवार
  • सपा के 2 प्रत्याशी: प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज नाथवानी

किस पांसे में फंसे अखिलेश? (UP Rajya Sabha Election BJP Strategy)

विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर बीजेपी के पास 7 प्रत्याशियों को जिताने के लिए स्पष्ट और पर्याप्त वोट थे, जबकि सपा के पास अपने 2 उम्मीदवारों की आसान जीत का कोटा था. असली पेंच 10वीं सीट को लेकर फंसा था.

सपा ने शुरुआत में यह माहौल बनाया था कि वह अपना तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतारेगी. लेकिन बीजेपी ने अपने रणनीतिक तरकश से तीर निकालते हुए सीधे 8वें प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और संगठन के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में बीजेपी ने जिस आत्मविश्वास के साथ 8 उम्मीदवारों का पर्चा दाखिल कराया, उसने सपा खेमे में खलबली मचा दी.

अखिलेश को था क्रॉस वोटिंग का डर (UP Rajya Sabha Election No Voting)

पिछले राज्यसभा चुनावों में सपा विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग का कड़वा अनुभव अखिलेश यादव भूले नहीं थे. यदि सपा तीसरा प्रत्याशी उतारती, तो उसे अपने विधायकों को एकजुट रखने की अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ता और बीजेपी के आठवें उम्मीदवार के पक्ष में सेंधमारी का सीधा खतरा था.

ये भी पढें: सपा के सामने कांग्रेस का सरेंडर, 2027 से पहले कैसे हारी उत्तर प्रदेश?

सपा ने बचा ली साख (Akhilesh Yadav Plan For UP Rajya Sabha Election)

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव की 403 सीटों का हवाला देकर सपा ने अपनी साख बचाने की कोशिश जरूर की, लेकिन हकीकत यही रही कि बीजेपी के आठवें उम्मीदवार वाले मनोवैज्ञानिक पांसे ने सपा को मुकाबला शुरू होने से पहले ही सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read