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20 हजार जवान, बंद शराब दुकानें! जानिए 10 अक्टूबर को क्यों छावनी में तब्दील हुई दिल्ली?

Delhi News: जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को इजाजत न मिलने के बाद दिल्ली छावनी में तब्दील हो गई है. 20 हजार से अधिक जवान तैनात हैं और शांति बनाए रखने के लिए 2 दिन शराब दुकानें बंद रहेंगी.

सीजेपी के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है. खुफिया इनपुट के बाद निषेधाज्ञा लागू की गई है और शहर में शराब दुकानें बंद रखी गई हैं.

Delhi News: 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20,000 से अधिक पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया है.

खुफिया विभाग के इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस को भारी भीड़ जुटने की आशंका है, जिसके चलते धारा 144 और निषेधाज्ञा लागू की गई है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे इस विरोध को देखते हुए पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति वाले प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील की है. इसके अतिरिक्त, एहतियात के तौर पर दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की दुकानें भी बंद (ड्राई डे) रखने के आदेश दिए गए हैं.

20,000 से अधिक जवान तैनात; शराब दुकानें भी बंद

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है. पुलिस प्रशासन ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इसके बावजूद कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पूरी दिल्ली, विशेषकर लुटियंस ज़ोन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. सुरक्षा के मद्देनजर 20 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है और संबंधित इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

खुफिया इनपुट के बाद 20 हजार से अधिक जवान तैनात

दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग को इनपुट मिले हैं कि बिना अनुमति के भी भारी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुँचने की कोशिश कर सकते हैं. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शहर में यातायात और जनजीवन को सामान्य बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए महिला जवानों को विशेष दिशानिर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अनावश्यक टकराव से बचा जा सके.

क्यों हो रहा है प्रदर्शन और क्या है मांग?

कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) और कई छात्र संगठन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर देश भर में लाखों योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर बड़े जमावड़े की योजना बनाई गई थी.

पुलिस की लोगों से अपील और चेतावनियां

दिल्ली पुलिस ने आम जनता और प्रदर्शनकारियों से कानून व्यवस्था बनाए रखने, हिंसा से बचने और ड्यूटी पर तैनात जवानों पर हमला न करने की सख्त अपील की है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट अफवाहों से बचने और केवल दिल्ली पुलिस के आधिकारिक हैंडल्स की सूचना पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है.

दिल्ली में 2 दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें

सुरक्षा इनपुट और तनाव की स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. शहर में शांति बनाए रखने के एहतियाती उपाय के रूप में 9 और 10 अक्टूबर को पूरी दिल्ली में शराब की दुकानें बंद (ड्राई डे) रहेंगी. आबकारी विभाग के सर्कुलर के अनुसार, किसी भी संभावित अवांछित घटना या अव्यवस्था को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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