प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का एक लेख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है. इस लेख में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के अनुभव और देश के विकास को लेकर उनकी सोच का जिक्र किया गया है. लेख के मुताबिक, मोदी की कार्यशैली में आज की जरूरतों को पूरा करने के लिए सेवा का भाव और आने वाले कल के सपनों को साकार करने का संकल्प, दोनों अहम भूमिका निभाते हैं.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने लेख में दिल्ली के विकास और बेहतर शासन व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें रखी हैं. उनका जोर इस बात पर है कि राजधानी का विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसा होना चाहिए जिससे आम लोगों की उम्मीदें पूरी हों और दिल्ली देश के विकास में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए.
सेवा और संकल्प से विकास का रास्ता
लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को शासन और नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में पेश किया गया है. इसमें सेवा को वर्तमान की जरूरतों से जोड़ते हुए संकल्प को भविष्य की आकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम बताया गया है.
PM @narendramodi’s 25 years in public life bring together Seva for today’s needs and Sankalp for tomorrow’s aspirations, writes Delhi CM Smt. @gupta_rekha.
She draws lessons for Delhi’s governance, from reaching the last mile with welfare schemes to improving education, healthcare and skills. The goal is to build Viksit Delhi as a key part of Viksit Bharat 2047.
— PMO India (@PMOIndia) October 9, 2026
इस सोच का सीधा मतलब है कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ उन लोगों तक भी पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है. आम नागरिक को समय पर सरकारी सहायता मिले, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक उसकी पहुंच बेहतर हो और युवाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें, ये सभी सुशासन के जरूरी पहलू हैं.
दिल्ली में विकास के लिए इन बातों पर जोर
रेखा गुप्ता ने अपने लेख में दिल्ली के प्रशासन के लिए कुछ अहम सबक सामने रखे हैं. इनमें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना प्रमुख है. इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई है.
इन क्षेत्रों में सुधार का असर सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. बेहतर शिक्षा से बच्चों और युवाओं के लिए नए अवसर खुलते हैं, मजबूत स्वास्थ्य सेवाएं परिवारों को राहत देती हैं और कौशल विकास से रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. इसी वजह से विकास को केवल बड़ी परियोजनाओं या आंकड़ों से नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में आने वाले बदलावों से भी जोड़कर देखा जाता है.
विकसित दिल्ली से विकसित भारत तक का लक्ष्य
इस लेख का व्यापक संदेश दिल्ली को एक विकसित राजधानी बनाने के साथ-साथ देश के बड़े विकास लक्ष्य से जोड़ना है. केंद्र सरकार के विजन ‘विकसित भारत 2047’ का उद्देश्य आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है. रेखा गुप्ता ने दिल्ली के विकास को भी इसी राष्ट्रीय लक्ष्य का अहम हिस्सा बताया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने लेख साझा करते हुए कहा कि उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में आज की जरूरतों के लिए सेवा और भविष्य की आकांक्षाओं के लिए संकल्प की भावना दिखाई देती है. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दिल्ली के शासन में जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास तक कई क्षेत्रों में सुधार की अहमियत है.
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-भारत एक्सप्रेस
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