Aaj Ka Panchang: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक और पंचांग की दृष्टि से बेहद खास और महत्वपूर्ण है. आज एक तरफ जहां आश्विन पूर्णिमा पर स्नान-दान और वाल्मीकि-मीराबाई जयंती मनाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग से कई शुभ योग भी बन रहे हैं. आइए जानते हैं आज का पूरा वैदिक पंचांग, तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ मुहूर्त:
पूर्णिमा तिथि, स्नान-दान और जयंती का समय(Aaj Ka Panchang)
पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि सुबह 09:41 बजे तक ही रहेगी, जिसके बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ हो जाएगा. चूंकि पूर्णिमा सुबह 9:41 बजे तक है, इसलिए स्नान, दान और पूजा-पाठ से जुड़े सभी धार्मिक कार्य सुबह इस समय से पहले ही कर लेना उत्तम रहेगा. इसके अलावा आज महर्षि वाल्मीकि जयंती और मीराबाई जयंती भी श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है, जिसमें सुबह के समय रामायण पाठ और स्मरण करना विशेष फलदायी माना गया है.
नक्षत्र, योग और गंडमूल की स्थिति
आज शाम 05:41 बजे तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा, जिसके उपरांत भरणी नक्षत्र लग जाएगा. अश्विनी नक्षत्र के रहने तक गंडमूल का प्रभाव भी बना रहेगा, जो शाम को नक्षत्र परिवर्तन के साथ समाप्त होगा. हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले दिनों चल रहा पंचक पहले ही समाप्त हो चुका है. योग की बात करें तो दोपहर 02:17 बजे तक ‘वज्र योग’ रहेगा, जिसके बाद ‘सिद्धि योग’ शुरू हो जाएगा. चंद्रमा आज पूरे दिन मेष राशि में ही संचार करेंगे.
शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और राहुकाल का समय
दिन के समय किसी भी नए कार्य की शुरुआत या मांगलिक आयोजन के लिए अभिजीत मुहूर्त (सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 तक) और विजय मुहूर्त (दोपहर 01:57 से 02:42 तक) सबसे श्रेष्ठ रहेगा. वहीं, किसी भी प्रकार के अशुभ कार्यों या यात्रा से बचने के लिए राहुकाल का विशेष ध्यान रखें, जो आज सुबह 07:53 से 09:17 बजे तक प्रभावी रहेगा. इसके अलावा सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (04:46 से 05:38) साधना और पूजा के लिए सबसे उत्तम समय है.
आपने आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 26 october 2026) पढ़ लिया है. धर्म, ज्योतिष और अध्यात्म से जुड़ी अन्य सभी प्रामाणिक खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





