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Scotch Rate: शराब के शौकीनों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है. राजधानी दिल्ली में जल्द ही स्कॉच व्हिस्की के दाम घटने जा रहे हैं. भारत और यूके के बीच हुए व्यापार समझौते के बाद आबकारी विभाग ने शराब की कीमतों को संशोधित करने का कदम उठाया है.
भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत आयातित स्कॉच व्हिस्की पर कस्टम ड्यूटी 150% से घटाकर 75% कर दी गई है. इसके चलते दिल्ली में स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में करीब 7 फीसदी तक की कटौती होने की संभावना है. सबसे पहले होटल, क्लब और रेस्तरां (HCR) में नया स्टॉक नई दरों पर सप्लाई होगा और फिर रिटेल दुकानों पर. मौजूदा स्टॉक खत्म होने के बाद नवंबर के शादी के सीजन तक यह राहत पूरी तरह लागू हो सकती है.
दिल्ली में स्कॉच व्हिस्की हो सकती है सस्ती, होटल और क्लबों से होगी शुरुआत
दिल्ली में स्कॉच प्रेमी जल्द ही अपनी पसंदीदा व्हिस्की पर राहत पा सकते हैं. भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत कस्टम ड्यूटी में कटौती के बाद दिल्ली आबकारी विभाग ने शराब की कीमतों के संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. शराब उद्योग के जानकारों का अनुमान है कि आयातित स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में लगभग 7 फीसदी की कमी आ सकती है. वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस मूल्य संशोधन के प्रस्ताव को जल्द ही औपचारिक मंजूरी मिलने वाली है.
HCR सेगमेंट को सबसे पहले राहत, फिर रिटेल दुकानों की बारी
मूल्य कटौती की शुरुआत सबसे पहले HCR (होटल, क्लब और रेस्तरां) सेगमेंट से होगी. नए दरों वाले स्टॉक की आपूर्ति सबसे पहले इन संस्थानों को की जाएगी, जिसके बाद यह रिटेल वाइन शॉप्स तक पहुंचेगा. जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल, डबल ब्लैक, रेड लेबल और ग्लेनफिडिच 12 इयर्स जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है. हालांकि, आम ग्राहकों के लिए रिटेल दुकानों पर नए रेट लागू होने में कुछ हफ्ते का समय लग सकता है.
कस्टम ड्यूटी 150% से घटकर 75% हुई
स्कॉच की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है, जिसके तहत यूके से आयात होने वाली बॉटल्ड-इन-ओरिजिन (BIO) स्कॉच व्हिस्की पर कस्टम ड्यूटी को 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दिया गया है. 15 जुलाई 2026 से लागू हुए इस समझौते का उद्देश्य अगले 10 वर्षों में ड्यूटी को 40 फीसदी तक लाना है, जिससे भारतीय बाजार में ब्रिटिश प्रोडक्ट्स अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें. गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कीमतें पहले ही संशोधित की जा चुकी हैं.
नया स्टॉक आने पर दिखेगा असर, शादी के सीजन से पहले राहत संभव
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुरानी दरों पर आयात किया गया मौजूदा स्टॉक खत्म होने के बाद ही नई कीमतें प्रभावी होंगी. थोक और खुदरा विक्रेताओं के पास आमतौर पर 2 से 3 हफ्ते का इन्वेंट्री स्टॉक होता है. ऐसे में नई दरों वाला स्टॉक बाजार में आने में कम से कम दो हफ्ते का समय लगेगा. उम्मीद जताई जा रही है कि दिवाली के बाद और नवंबर में शुरू होने वाले शादी के सीजन से ठीक पहले यह राहत ग्राहकों को मिल जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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