राजस्थान के नागौर में पटाखों के गोदाम में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया. हादसा नागौर के बादली इलाके में हुआ, जहां अचानक पटाखों के गोदाम में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कुछ ही देर में जोरदार विस्फोट हो गया. इस दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई. धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी.
विस्फोट होते ही आसपास के इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. लोग घबराकर अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए. धमाके की चपेट में आने से पहले कुछ लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. गोदाम में काम कर रहे दो मजदूर इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे.
मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल की टीमें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग को अलर्ट किया गया. कुछ ही समय में राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए. आग पर काबू पाने के साथ-साथ आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी संभाली गई. फिलहाल घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है.
पुलिस के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूर नागौर शहर के बनबाजारवाड़ा इलाके के रहने वाले थे. पुलिस ने उनके शवों को कब्जे में लेकर जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है. हादसा किस वजह से हुआ और गोदाम में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, इसकी जांच की जा रही है.
मदुरै में भी पटाखों में हुआ जोरदार विस्फोट
पटाखों से जुड़ा एक और दर्दनाक हादसा तमिलनाडु के मदुरै जिले में सामने आया है. यहां मेलूर के पास करुंगलाकुडी गांव में दिवाली के लिए घर में रखे पटाखों में अचानक धमाका हो गया. इस घटना में 20 साल के एक युवक की जान चली गई, जबकि एक महिला समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए.
यह घटना गुरुवार तड़के हुई. धमाका इतना तेज था कि घर की पहली मंजिल को भारी नुकसान पहुंचा और इमारत का एक हिस्सा ढह गया. मृतक की पहचान मनोज के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वह अपने दोस्त के घर दिवाली मनाने आया था.
घर की ऊपरी मंजिल पर रखे थे पटाखे
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, लोकेश नाम का 20 वर्षीय युवक ओथाकाडाई के पास एक निजी कॉलेज में कैटरिंग का कोर्स कर रहा है. उसने दिवाली पर दोस्तों के साथ त्योहार मनाने के लिए शिवकाशी से पटाखे खरीदे थे. इन पटाखों को घर की पहली मंजिल पर रखा गया था.
अचानक पटाखों में विस्फोट हो गया. इसकी चपेट में लोकेश, उसकी 42 वर्षीय मां योगवानी और उसका कॉलेज का दोस्त मनोज आ गए. तीनों बुरी तरह झुलस गए. धमाके के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया.
अस्पताल में इलाज के दौरान मनोज ने तोड़ा दम
हादसे की सूचना मिलने पर कोट्टमपट्टी से दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचा. घायलों को तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से मेलूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि, इलाज के दौरान मनोज की मौत हो गई.
इस मामले में मेलूर के डीएसपी शिवकुमार की निगरानी में कोट्टमपट्टी पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वहीं, मेलूर के तहसीलदार वसंत ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली.
पटाखों के भंडारण में लापरवाही बन सकती है जानलेवा
नागौर और मदुरै की इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर पटाखों के भंडारण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. खासकर त्योहारों के दौरान बड़ी मात्रा में पटाखे घरों या गोदामों में रखे जाते हैं. ऐसे में जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है. फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है और हादसों के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है.
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