Bihar Teacher Sleeping In Classroom: सुपौल/राजेश चौधरी: बिहार सरकार सूबे के सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. सरकार के इन तमाम बड़े-बड़े वादों की हवा निकालती एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने पूरे शिक्षा विभाग को शर्मसार कर दिया है. इस वायरल तस्वीर में साफ़ देखा जा सकता है कि कैसे ‘गुरुजी’ बच्चों को पढ़ाने के बजाय क्लासरूम में चैन की नींद फरमा रहे हैं.
डेस्क पर पैर फैलाकर सो रहे मास्टर साहब (Bihar supaul school viral)
दावा किया जा रहा है कि यह शर्मनाक तस्वीर सुपौल (Supaul) जिले के त्रिवेणीगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय खोरिया की है. पढ़ाई के समय जब बच्चों को ज्ञान मिलना चाहिए था, तब विद्यालय के दो शिक्षक दिनेश कुमार मंडल और देवेंद्र सरदा क्लासरूम में बेखौफ आराम फरमाते नजर आए. जिस डेस्क-बेंच पर बैठकर बच्चों को अपना भविष्य संवारना था, उसी डेस्क पर गुरुजी पैर फैलाकर सोते हुए दिखाई दिए.
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बच्चो गुरुजी की नींद देख लौटे (bihar education system)
बताया जा रहा है कि बच्चे अपना बस्ता लेकर स्कूल तो पहुंचे थे, लेकिन क्लासरूम का नजारा देखकर वे हैरान रह गए. शिक्षक इतनी गहरी नींद में मशगूल थे कि बच्चों ने उन्हें जगाना भी मुनासिब नहीं समझा और वे बिना पढ़ाई किए ही अपना बस्ता लेकर चुपचाप घर लौट गए, जिससे पूरा क्लासरूम खाली हो गया.
मिड-डे मील का जहर
अब सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठता है कि यदि शिक्षक ही अपने दायित्वों को भूलकर कक्षाओं में इस तरह ‘कुंभकर्णी नींद’ सोते रहेंगे, तो बिहार के मासूम बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा? यह लापरवाही इसलिए भी डराने वाली है क्योंकि हाल ही में इसी क्षेत्र के एक विद्यालय में मिड-डे मील खाने से सैकड़ों बच्चों के बीमार होने का खौफनाक मामला भी सामने आया था. अब देखना यह है कि तस्वीर वायरल (bihar government schools) होने के बाद शिक्षा विभाग इन ‘सोते हुए’ शिक्षकों पर क्या कार्रवाई करता है.
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