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प्यार सिर्फ अच्छे समय में साथ निभाने का नाम नहीं है, बल्कि मुश्किल हालात में भी किसी का हाथ थामे रखने का हौसला ही सच्चे रिश्ते की पहचान बनता है. चीन से सामने आई एक ऐसी ही कहानी ने दुनियाभर के लोगों का दिल छू लिया है. यहां एक पत्नी ने अपने पति के लिए ऐसा समर्पण दिखाया, जिसे सुनकर हर कोई भावुक हो रहा है.
यह कहानी चीन के हेनान प्रांत में रहने वाले झाओ जिनकियान और उनकी पत्नी सोंग मेई की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2019 में झाओ एक हादसे का शिकार हो गए थे. पेशे से वॉटरप्रूफिंग का काम करने वाले झाओ ने एक तीन साल के बच्चे को ऊंची छत पर फंसा देखा. बच्चे की जान बचाने के लिए उन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह नहीं की और करीब 6 मीटर ऊंचे गोदाम की छत पर चढ़ गए.
बच्चे को बचाने की कोशिश में झाओ नीचे गिर गए. हालांकि गिरते समय भी उन्होंने बच्चे को अपने शरीर से ढक लिया, जिससे बच्चे की जान बच गई. लेकिन इस हादसे में झाओ के सिर पर गंभीर चोट लगी और वह कोमा में चले गए.
डॉक्टरों का कहना था कि झाओ का दोबारा होश में आना बेहद मुश्किल है. लेकिन उनकी पत्नी सोंग मेई ने हार मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने अपने पति की देखभाल को ही अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य बना लिया.
सोंग रोजाना घंटों अपने पति के पास बैठतीं, उनसे बातें करतीं, उन्हें खाना खिलातीं और उनके हाथ-पैरों की मालिश करती थीं. उन्हें उम्मीद थी कि किसी न किसी दिन झाओ उनकी आवाज जरूर सुनेंगे और वापस लौटेंगे.
पति को जगाने की कोशिश में सोंग ने कई अलग-अलग तरीके अपनाए. इनमें से एक तरीका काफी चर्चा में आया. वह अपने पति के पैरों की उंगलियों को काटती थीं, ताकि नसों में प्रतिक्रिया पैदा हो और शरीर में हलचल आने की संभावना बढ़े. यह उनके लिए बेहद मुश्किल और दर्द भरा था, लेकिन उन्होंने इसे सालों तक जारी रखा.
सात साल बाद लौटी पति की आवाज
सोंग की लगातार कोशिशों और देखभाल का असर आखिरकार दिखाई दिया. करीब सात साल बाद झाओ के शरीर में हलचल शुरू हुई. धीरे-धीरे उन्होंने आंखें खोलीं और अपनी पत्नी को देखा.
इसके बाद उन्होंने जो पहला वाक्य कहा, उसने सोंग के वर्षों के इंतजार और संघर्ष को एक पल में खुशी में बदल दिया. झाओ ने धीमी आवाज में कहा, “मैं तुमसे प्यार करता हूं.”
इन कुछ शब्दों ने उस पत्नी को वह खुशी दे दी, जिसका इंतजार वह पिछले सात सालों से कर रही थीं.
हादसे से पहले भी दूसरों की मदद करते थे दोनों
झाओ और सोंग पहले से ही अपने अच्छे स्वभाव और दूसरों की मदद करने के लिए जाने जाते थे. सोंग पहले किंडरगार्टन में आर्ट टीचर रह चुकी हैं और गरीब बच्चों को मुफ्त में पेंटिंग सिखाती थीं. वहीं झाओ भी सीमित कमाई के बावजूद एक दूरदराज के पहाड़ी गांव के बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठाते थे.
जैसे ही यह कहानी सोशल मीडिया पर पहुंची, बड़ी संख्या में लोगों ने इस दंपति की तारीफ की. कई यूजर्स ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि सच्चा प्यार सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में किए गए छोटे-बड़े प्रयासों में नजर आता है.
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भारत एक्सप्रेस
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