सीएम योगी
Year Ender 2023: वर्ष 2023 उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के मोर्चे पर काफी अहम साल साबित हुआ है. यूपी को माफिया, अपराध और भयमुक्त प्रदेश बनाने के लिए संकल्पबद्ध योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति का ही परिणाम रहा कि दशकों तक राज्य में आतंक का पर्याय रहे छोटे-बड़े सभी माफिया डॉन और उनका आपराधिक साम्राज्य पूरी तरह से मिट्टी में मिल चुका है. प्रदेश में व्यापारियों से रंगदारी और महिलाओं से छेड़खानी करने वाले तत्व या तो सलाखों के पीछे पहुंचा दिये गये या पुलिस मुठभेड़ में ढेर किये जा चुके हैं. इसके अलावा यूपी पुलिस को मजबूत बनाने के लिए इस साल 60 हजार से अधिक कांस्टेबल की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है.
2023 माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए जाना जाएगा. योगी सरकार की अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति ने प्रदेश के माफिया साम्राज्यों को नेस्तनाबूद कर दिया है. दशकों तक आतंक का पर्याय रहे यूपी के सबसे कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी को इस साल सबसे बड़ी चोट मिली है. माफिया मुख्तार को 2023 में एक के बाद एक 4 मामलों में सजा सुनाई गई है, जिसमें आजीवन कारावास जैसी अधिकतम सजा भी शामिल है. माफिया के आर्थिक 604 करोड़ से अधिक के साम्राज्य को भी पूरी तरह से मिट्टी में मिलाया जा चुका है. इसके अलावा प्रयागराज के अतीक गैंग का भी समूल विनाश हो चुका है. इन दोनों दुर्दांत माफिया के प्रयागराज और लखनऊ में स्थित अवैध कब्जों को मुक्त कराते हुए गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं. वहीं माफिया विजय मिश्रा, अनुपम दूबे, सऊद अख्तर, धर्मेन्द्र व संजय सिंघला जैसे बड़े माफिया को योगी राज में कानून के जरिए उनके गुनाहों की सजा मिल चुकी है. बड़े माफिया के अलावा इलाकाई गुंडे-बदमाश और शोहदों के खिलाफ भी ताबड़तोड़ कार्रवाइयां हुई हैं. लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन होने के चलते देश और दुनिया की नामी कंपनियां अब यूपी में निवेश के लिए आ रही हैं और इसी साल फरवरी में आयोजित हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उत्तर प्रदेश को अब तक 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए.
एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों ने भी यूपी में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था पर मुहर लगा दी है. पूरे देश के क्राइम रेट 258.1 प्रतिशत के सापेक्ष यूपी में अपराध की दर 171.6 प्रतिशत है. दर्ज मुकदमों के आधार पर देश के अन्य राज्यों के मुकाबले यूपी 20वें स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है. जो यह दर्शाता है कि कई राज्यों की तुलना में यूपी में अपराधिक घटनाओं में काफी कमी आई है. इसके अलावा महिला संबंधी अपराधों में सजा दिलाने में यूपी ने बड़े राज्यों में बाजी मारी है.
सेफ सिटी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार की ओर से युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है. सेफ सिटी परियोजना के पहले चरण के तहत 17 नगर निगमों व गौतमबुद्धनगर में इन्टीग्रेशन के लिए 21,968 कैमरों लगाए जा रहे हैं. इसमें से 15,732 को कंट्रोल रूम से इंटीग्रेट किया जा चुका है. शहरों को पूरी तरह से सीसीटीवी सर्विलांस से ना सिर्फ अपराधों में कमी आ रही है बल्कि आपराधिक घटनाओं का खुलासा भी त्वरित गति से हो रहा है. इसके अलावा साइबर अपराध के मामलों को देखते हुए प्रदेश में 57 साइबर थानों की स्थापना भी एक नजीर बन गया है. यही नहीं प्रदेश में पुलिस के इकबाल को मजबूत करते हुए ना सिर्फ नई बैरकों का निर्माण हो रहा है बल्कि साल का अंत होते होते अबतक की सबसे बड़ी 60 हजार से अधिक कांस्टेबल भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है.
– अधीनस्थ न्यायालयों में कुल 1,52,594 मामलों में तथा सत्र न्यायालयों में 7,285 मामलों में अपराधियों को सजा कराई गई.
– पॉक्सो एक्ट में 13 मामलों में मृत्युदंड, 291 मामलों आजीवन कारावास, 1101 मामलों में 10 साल की सजा, और 1334 मामलों में 10 साल से कम की सजा दिलाई गई है.
– पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत चार्जशीट दाखिल होने के एक माह के अंदर 34 मामलों में और दो माह से भी कम समय में 74 मामलों में सजा कराई गई है.
– महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ होने वाले विभिन्न अपराधों में 4312 मामलों में सजा कराई गई है.
– जिलों के टॉप 10 अपराधियों में 77 मामलों में 83 अपराधियों को प्रभावी पैरवी के जरिए दोषी सिद्ध कराया जा चुका है.
– यूपी के 32 जिलों में गैंगेस्टर एक्ट के तहत 5775 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं.
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