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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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भारत एक्सप्रेस


इस प्रोजेक्ट को 8 जुलाई 2022 तक पूरा होने था, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया. सिलक्यारा टनल की कुल लम्बाई 4531 मीटर है, जिसमें से 4060 मीटर यानी 90 प्रतिशत लंबाई का कार्य पूरा हो चुका है और 477 मीटर लंबाई के लिए खुदाई का काम चल रहा था.

झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और यूपी समेत अलग-अलग राज्यों के मजदूर चार धाम राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं. सिल्क्यारा टनल भी 1.5 बिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्ट का ही हिस्सा है.

राजस्थान में 25 नवंबर को वोटिंग के बाद सबकी नजरें 3 दिसंबर को आने वाले चुनाव परिणाम पर टिकी हैं. प्रदेश की सत्ता की चाबी भरतपुर के कामां सीट से जोड़कर देखी जा सकती है.

मौसम में बदलाव के साथ राष्ट्रीय राजधानी की चिंता बढ़ने लगी है। अभी भले ही एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘संतोषजनक’ अथवा ‘मध्यम’ श्रेणी में चल रहा है लेकिन पंजाब-हरियाणा में पराली जलनी शुरू हो गई है।

सूबे में सत्ता बदलने के रिवाज में सभी 200 विधानसभा सीटों भूमिका नहीं होती है बल्कि महज 57 सीटों का ही अहम रोल रहता है. इन 57 सीटों पर एक बार बीजेपी तो एक बार कांग्रेस के विधायक बनते हैं, जिसके चलते प्रदेश की सत्ता बदल जाती है

राजस्थान में पिछले कई दशक से एक ट्रेंड रहा कि हर पांच साल में सत्ता बदल जाती है. बीजेपी होती है तो कांग्रेस आ जाती है और अगर कांग्रेस रहती है तो बीजेपी आ जाती है. राज्य की 200 विधानसभा सीटों में से 199 पर मतदान हो रहा है.

उत्तरकाशी की सिलक्यारा में टनल में फंसे 41 मज़दूरों के आज बाहर निकलने की संभावना है. पिछले तीन दिनों से हर रोज सूरज का उजाला यही उम्मीद लेकर आ रहा है. सबकी निगाहें टनल पर लगी हैं, सारे इंतजाम कर लिए गए हैं.

अमेरिका ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने भारत के इस साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। साथ ही भारत को चेतावनी जारी की है।

मथुरा राजस्थान की सीमा के भी करीब है जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. राजस्थान चुनाव के लिए आज प्रचार का अंतिम दिन भी है. शाम पांच बजे राजस्थान की 199 सीटों के लिए चुनाव प्रचार थम जाएगा. प्रचार थमने के बाद पीएम मोदी सूबे की सीमा से सटे मथुरा में होंगे

क्या राजधानी दिल्ली में भयानक जल संकट आने वाला है? ये बात इसलिए क्योंकि केजरीवाल सरकार में जल मंत्री आतिशी ने दावा किया है कि दिल्ली जल बोर्ड ने फंड रोक दिया है, जिससे राजधानी में 'जल संकट' गहरा सकता है.