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भारत एक्सप्रेस


एक समय पूरी दुनिया में राजाओं का वर्चस्व था, लेकिन भारत के अलावा कई देश ऐसे भी रहे हैं जिन्हें ब्रिटानिया हुकूमत ने गुलाम बना लिया. सदियों के संघर्ष के बाद आजादी मिलने पर कई देशों ने संवैधानिक लोकतंत्र को अपना लिया गया. लेकिन दुनिया में 43 देश ऐसे भी हैं जहां अब भी राजशाही चलती है.

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार, 17 नवंबर को मतदान होना है. वैसे तो यहां वोटिंग विधानसभा की 230 सीटों के लिए है, लेकिन कुछ वीआईपी सीटें ऐसी हैं जिन्हें लेकर खूब चर्चा हो रही है. इन सीटों पर सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस के कई बड़े नाम मैदान में उतरे हैं.

राजस्थान के विधानसभा चुनाव में इन दिनों प्रत्याशी पूरी ताकत से प्रचार में जुटे हैं. इस बीच विधानसभा चुनाव में कुछ रोचक पहलू भी सामने आए हैं. मेवाड़-वागड़ की 28 में से 6 सीटों पर 7 विधायक प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनकी दो-दो पत्नियां हैं.

1947 में भारत को आजादी मिली और चीन 1949 में एक नए देश के रूप में उभरा. दोनों एक समान चुनौतियों का सामना कर रहे थे. लेकिन आर्थिक मोर्चे पर भारत चीन से कुछ पायदान आगे था. 80 के दशक तक चीन भारत से आगे निकल चुका था

देश में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता की राह पर चलने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है. देवभूमि की विधान सभा इस कानून के मसौदे यानी विधेयक पर चर्चा करने को आतुर है. हालांकि कानून की आज की राय में राज्य को ऐसा अधिकार संविधान में नहीं है.

इजरायल और हमास के बीच युद्ध अभी भी जारी है। इजरायल की सेना गाजा के सबसे बड़े अल शिफा हॉस्पिटल में दाखिल हुई थी. इजरायल का दावा है कि यहां हथियारों का जखीरा मिला है अस्पताल में हथियार, खुफिया सामग्री और सैन्य तकनीक और उपकरण मिले है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के कामकाज को कठघरे में खड़ा कर दिया है. पंजाब में लंबे वक्त से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच सियासी द्वंद छिड़ा हुआ है. पंजाब सरकार का आरोप है कि राज्यपाल संवैधानिक मर्यादाओं का पालन नहीं कर रहे हैं

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का 'देख रहा है प्रमोद' और मध्य प्रदेश में बीजेपी का 'एमपी के मन में मोदी' कैंपेन चर्चा में है.दोनों पार्टियों ने विपक्ष को टारगेट करने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का भी जमकर प्रयोग किया है.

जयपुर जिले में 19 विधानसभा की सीटें हैं. जिनमें इस बार पांच सीटें ऐसी हैं, जहां पर मुकाबला बहुत टक्कर का हो गया है. एक तरफ जहां कांग्रेस के लिए वापसी की तो वहीं भारतीय जनता पार्टी के लिए जीत बरकरार रखने की चुनौती है. रोचक बात यह है कि इन पांच सीटों में से कई पर नए चेहरे हैं

बसपा सुप्रिमो मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रदेश में सभाएं कर अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की है. राज्य के चुनाव को हम इलाकों के आधार पर बांट कर इन दिनों बह रही हवा का रुख जानने की कोशिश करें तो कुछ यूं होगा.